बलरामपुर। लॉगिन व पासवर्ड न मिलने की वजह से जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। लोग प्रमाणपत्र के लिए हर दिन पंचायत सचिवालयों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी समस्या दूर नहीं हो रही है। पंचायत सचिव समय लेते हैं कि जल्द ही सीएमओ कार्यालय से लॉगिन व पासवर्ड मिल जाएगा, फिर प्रमाणपत्र जारी कर देंगे। ऐसा सुनते-सुनते कई लोगों के कान दर्द करने लगे हैं। प्रमाणपत्र जारी न होने से लोगों के कई तरह के काम अटके हैं।
यह हाल जिले के एक या दो गांवों का नहीं है, जबकि कई गांवों का है। अभी तक ग्राम सिंगाही, बालपुर, गोपालपुर, खेराही, कोयलरा, सोनपुर, नंदनगर ठठरिया, भुसैलवा, जंबूदीप व कैलाशगढ़ आदि गांवों की लॉगिन व पासवर्ड जारी करने का पत्र जारी होने की जानकारी मिली है। सीएमओ कार्यालय में 28 सितंबर को ही पत्र भेजकर गांवों में हो रही दिक्कतों की जानकारी दी गई है। मांग की गई कि प्रमाणपत्र जारी किए जाने के लिए लॉगिन व पासवर्ड उपलब्ध करा दें लेकिन विभाग की चुप्पी से आम लोग भटक रहे हैं। गांवों में तनातनी भी हो जा रही है।
एक सचिव ने बताया कि ग्रामीण गुस्सा करते हैं। वह कर ही क्या सकते हैं, सीएमओ कार्यालय से प्रमाण पत्र निर्गत करने का प्रक्रिया शुरू करने का अधिकार ही नहीं दिया गया है। सीएमओ कार्यालय की लापरवाही के कारण कई गांवों में सचिव लोगों का जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना पा रहे हैं। सीएमओ कार्यालय पर पासवर्ड के लिए बार-बार दौड़ाया जा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानांतरण के बाद जरूरी होता है लॉगिन और पासवर्ड
विदित हो कि ग्राम पंचायत सचिव के स्थानांतरण होने पर जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए सीएमओ कार्यालय से पासवार्ड उपलब्ध कराया जाता है। सितंबर माह में कई सचिवों का स्थानांतरण हो गया। उसके बाद सचिवों ने लॉगिन पासवर्ड के लिए सीएमओ कार्यालय को पत्र भेजा। एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद उन्हें अभी तक पासवर्ड नहीं उपलब्ध कराया गया। सीएमओ डाॅ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि पटल बाबू का स्थानांतरण हो जाने के कारण वह मोबाइल लेकर अपने साथ चले गए हैं। उनसे संपर्क किया जा रहा है। शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।