बलरामपुर। न्याय की उम्मीद लेकर अदालत पहुंच रहे वादकारियों को इन दिनों तारीख पर तारीख और इंतजार की परेशानी झेलनी पड़ रही है। कोई वर्षों से चल रहे जमीन के बंटवारे के मुकदमे की पैरवी करने आ रहा है, तो किसी को गवाही देनी है। किसी को अपने हक में फैसला मिलने की उम्मीद है, तो कोई जरूरी दस्तावेजों के लिए न्यायालय और रजिस्ट्री कार्यालय के चक्कर लगा रहा है। लेकिन नामांतरण प्रक्रिया ऑनलाइन किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर रहा है।
बलरामपुर सदर, उतरौला और तुलसीपुर के न्यायालयों में हड़ताल के चलते 1150 से अधिक मुकदमों में सुनवाई नहीं हो सकी है। दूर-दराज से आने वाले वादकारियों को बिना काम कराए लौटना पड़ रहा है। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार करीब एक माह से जारी है। न्यायालयों में कामकाज प्रभावित होने के साथ ही जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। रजिस्ट्री कार्यालय में पंजीकरण नहीं होने से बैनामा कराने पहुंचे लोगों को भी निराश लौटना पड़ रहा है। आंदोलन का खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका अपने मुकदमों की सुनवाई पर कोई नियंत्रण नहीं है। मुकदमों के निस्तारण में देरी के कारण उन्हें अगली तारीख का इंतजार करना पड़ रहा है।
लखनऊ से पैरवी करने आईं नाजमा, बिना काम लौटना पड़ा
उतरौला के दीवानी न्यायालय में मुश्ताक बनाम बेचन मुकदमे की पैरवी के लिए लखनऊ से आईं नाजमा बेगम को भी बिना काम कराए लौटना पड़ा। ग्राम केवटली से गवाही देने पहुंचे हरिहर को भी निराशा हाथ लगी। उपजिलाधिकारी उतरौला के न्यायालय में विचाराधीन बंटवारे के मुकदमे की पैरवी के लिए पहुंचे रफी अहमद को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, पिछले तीन वर्षों से बंटवारे के मुकदमे में एसडीएम न्यायालय के चक्कर लगा रहे शत्रोहन को भी कामकाज नहीं होने से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
बैनामा कराने पहुंचे लोग भी परेशान
अधिवक्ताओं के आंदोलन का असर रजिस्ट्री कार्यालय पर भी दिखाई दे रहा है। ग्राम छीतरपारा के आकाश पिछले एक पखवाड़े से पंजीकरण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है। ग्राम सकरा पाठक के राजकुमार को भी बैनामा पंजीकृत नहीं होने के कारण वापस लौटना पड़ा। जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े जरूरी काम अटकने के कारण लोगों को आर्थिक और व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
जिला बार एसोसिएशन ने शनिवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री संजय तिवारी, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के महामंत्री अशोक मिश्रा व राजेश मिश्रा तथा जिला युवा बार एसोसिएशन के महामंत्री श्याम सुंदर मिश्र आदि पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं से एकजुटता बनाए रखने की अपील की है।
चौथे दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन
उतरौला। तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान अली इमाम हाशमी, राम सागर शर्मा, कमल किशोर गुप्त, देव नारायण सिंह, कैलाश चंद्र उपाध्याय, मोहम्मद शफीउल्लाह, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, धर्मराज यादव, इशरत अबरार, बाबूराम यादव, रमेश दत्त चतुर्वेदी, अमरनाथ शर्मा, आरिफ खान, अजय कुमार वर्मा, गणेश नंदन मिश्र, इमरान अहमद खान, राधेश्याम यादव, तुलसीराम यादव, माता प्रसाद और आकाश श्रीवास्तव सहित करीब 40 अधिवक्ता अनशन पर बैठे।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने कहा कि अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। महामंत्री रवि शंकर मिश्र ने कहा कि अधिवक्ता हमेशा अन्याय के विरुद्ध खड़े रहे हैं। किसी भी नियम को जबरन नहीं थोपा जा सकता।
फोटो-7-बलरामपुर के सदर तहसील में हड़ताल के चलते मायूस बैठे वादकारी।-संवाद