हरैया सतघरवा। चौधरीडीह ग्राम पंचायत सचिवालय परिसर में सोमवार शाम करीब चार बजे हुआ विवाद मंगलवार को चर्चा में आया। बिजली विभाग के अवर अभियंता (जेई) और एक महिला के बीच विवाद बढ़ा था। संविदा लाइनमैन के पद कार्यरत पति को सेवा से न हटाने की मांग करने महिला गई थी। जेई से बहस हुई और फिर महिला ने जेई की पिटाई कर दी। पुलिस ने जेई की तहरीर पर महिला पर प्राथमिकी दर्ज की है। महिला ने भी तहरीर दी है। एकतरफा कार्रवाई से संविदा कर्मियों में आक्रोश है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संविदा लाइनमैन रामरंग उर्फ मिश्रीलाल की पत्नी सुमन निवासी गब्बापुर सिरसिया जनपद श्रावस्ती सोमवार को पंचायत सचिवालय पहुंचीं, जहां अवर अभियंता अजीत कुमार सिंह मौजूद थे। वह अपने पति को पुनः ड्यूटी पर बहाल करने और बकाया वेतन दिलाने की मांग को लेकर मिलने गई थीं। बातचीत के दौरान कहासुनी हुई और देखते ही देखते माहौल गरमा गया।
आरोप है कि इसी दौरान हाथापाई हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, लेकिन तब तक किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया। प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह ने बताया कि जांच में जेई की शिकायत सही पाई गई, जिसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
जेई पर वेतन कटौती और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
मिश्रीलाल का आरोप है कि पिछले लगभग एक वर्ष से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका कहना है कि नियमित ड्यूटी करने के बावजूद वेतन से दिनों की कटौती की जाती थी और उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती थी। उनके मुताबिक दिसंबर में 10 दिन का वेतन काट लिया गया, जबकि जनवरी का पूरा भुगतान नहीं हुआ।
उनका दावा है कि करीब छह माह से उन्हें पूर्ण वेतन नहीं मिला। परिवार का कहना है कि चार माह पहले बिना स्पष्ट कारण बताए कार्यमुक्त कर दिया गया, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया। पत्नी सुमन का आरोप है कि पूर्व में भी जब वह जेई से मिलने गई तो एक महीने बाद आने को कहा। सोमवार को जेई को खोजते हुए पंचायत भवन पहुंची तो एसआईआर के कार्य की समीक्षा कर रहे जेई ने बाहर बैठने को कहा। शाम चार बजे फिर गई तो पैर मारा, जिसके बाद वह जेई से बचाव करने लगी। इसी में एक-दो हाथ लग गए।
संविदा लाइनमैन लामबंद
स्थानीय लोगों के अनुसार, अवर अभियंता के कार्य व्यवहार को लेकर पहले भी असंतोष सामने आया था। कुछ माह पूर्व मणिपुर क्षेत्र में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था। बहराइच जिले में तैनाती के समय कुकुरभुकवा कैसरगंज चौराहे पर भी एक विवाद हुआ है। इन मामलों की खासी चर्चा रही। घटना के बाद जिले भर के संविदा लाइनमैन एकजुट होते दिख रहे हैं। उनका कहना है कि संविदा कर्मियों के साथ वेतन और सेवा सुरक्षा को लेकर अक्सर समस्याएं सामने आती हैं। वे मामले की निष्पक्ष जांच और बकाया भुगतान की मांग कर रहे हैं।