बलरामपुर। जिला और सत्र न्यायाधीश ने हत्या के आरोप में सात लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपियों को साढ़े पांच हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
कोतवाली उतरौला निवासी बिस्मिल्ला ने आठ अक्तूबर 2012 को थाने पर तहरीर दी थी कि उसके पुत्र मोहम्मद गौस व गुलाम रसूल को गांव के ही मैनुद्दीन, अली हसन, निजामुद्दीन, अकलीम, कमालुद्दीन, लाला व मोहम्मद अली ने जमीनी विवाद को लेकर लाठी-डंडे व लोहे के सब्बल से हमला कर दिया। मोहम्मद गौस को गंभीर चोटें आई है और वह बेहोश हो गया जिसका इलाज उतरौला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
इलाज के दौरान गौस मोहम्मद की घटना में आई चोटों के कारण मौत हो गई। पुलिस ने सातों को हत्या, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देने का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने 8 सरकारी गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पांच गवाहों को प्रस्तुत कर अभियुक्तों को निर्दोष बताया।
सरकारी अधिवक्ता ने घटना को क्रूरतम बताते हुए अधिकतम दंड देने के लिए जिला जज से आग्रह किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी निर्दोष बताते हुए बरी करने की दलील दी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला जज सुरेंद्र सिंह प्रथम ने मैनुद्दीन, अली हसन, निजामुद्दीन, अकलीम, कमालुद्दीन, लाला व मोहम्मद अली ने एक राय होकर गौस मोहम्मद की हत्या करने का दोषी माना। न्यायाधीश ने सातों आरोपियों को आजीवन कारावास व 5500-5500 रुपये अर्थदंड करने का आदेश दिया। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को दो वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।