फोटो-30-बलरामपुर में लोगों को जागरूक करते वनकर्मी ।-स्रोत : विभाग
जरवा। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग की तुलसीपुर रेंज के हलौरा गांव में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। दो अलग-अलग घटनाओं में तेंदुए ने दो बकरियों को मार डाला। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।
रविवार सुबह करीब 11 बजे गुलाम वारिस का 16 वर्षीय बेटा शाहिद घर के पीछे बकरियां चरा रहा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए तेंदुए ने एक बकरी पर झपट्टा मार दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ बकरी को छोड़कर गन्ने के खेत की ओर भाग गया। हमले में घायल बकरी ने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।
इससे एक दिन पहले शनिवार शाम करीब चार बजे तेंदुआ जगद के घर में घुस गया और खूंटे से बंधी बकरी को उठाकर ले जाने लगा। परिवार के लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ बकरी को छोड़कर भाग गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
वहीं, नियाज अहमद के घर के बाहर कच्ची जमीन पर तेंदुए के पंजों के निशान भी मिले हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि रात में हल्की बारिश होने के कारण तेंदुए के आने की आहट नहीं मिल सकी।
ग्रामीणों अब्दुल हमीद, अब्दुल अलीम, अब्दुल अहद, इब्राहिम, निसार अहमद और मास्टर इसरार ने बताया कि तेंदुआ पहले भी दर्जनों बकरियों को अपना शिकार बना चुका है। ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर भय बना हुआ है।
रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।