बलरामपुर। उतरौला में लंबे समय से रेल लाइन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन के लिए उतरौला तहसील क्षेत्र के 30 गांवों में करीब 286 एकड़ भूमि चिह्नित करने का काम पूरा हो गया है। इसके बाद अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही जिला प्रशासन और रेलवे विभाग भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेंगे। रेल लाइन का निर्माण पूरा होने से बलरामपुर का रेल नेटवर्क और मजबूत होगा।
खलीलाबाद, बांसी और सिद्धार्थनगर होते हुए उतरौला सीमा तक रेल पटरी बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। अब उतरौला तहसील क्षेत्र के गांवों में भी काम शुरू होना है। इसके लिए 30 गांवों में किसानों की भूमि अधिग्रहीत की जानी है। रेलवे प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव भेजा है।
मंजूरी मिलने के बाद उतरौला तहसील क्षेत्र के बांक भवानीपुर, गोवर्धनपुर, ताराडीह, मैनहा, पुरैना बुलंद, रसूलाबाद, पिपरा राम, बजरमुंडा, उतरौला ग्रामीण, सेखुईया कस्बा, जोगीवीर, अमया देवरिया, चपरहिया, रैंगावा और कपउवा शेरपुर समेत 30 गांवों में करीब 286 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। संबंधित गांवों में रेलवे ने एक वर्ष पहले ही पत्थर लगाकर भूमि चिह्नित कर दी थी। अब इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
एसडीएम योगेंद्र शरण शाह ने बताया कि नियमानुसार किसानों से भूमि की खरीद की जाएगी। किसानों की सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
1977 में हुई थी घोषणा, नहीं पूरा हो पाया था सपना
उतरौला क्षेत्र में रेल लाइन बिछाने की घोषणा वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार के समय हुई थी। इसके बाद सरकार बदलने के कारण कार्ययोजना आगे नहीं बढ़ सकी। उतरौला तहसील क्षेत्र के लोगों को रेल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे लाओ संघर्ष समिति बनाकर कमाल सिद्दीकी ने आंदोलन शुरू किया।
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद वर्ष 2019 में इस रेल लाइन को मंजूरी मिली। बजट मिलने के बाद खलीलाबाद से उतरौला तहसील की सीमा तक रेल पटरी बिछाने का काम शुरू हुआ। अब उतरौला तहसील क्षेत्र में रेल लाइन बिछाने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है।