गौरा चौराहा। तुलसीपुर वन क्षेत्र के चिवटिहवा गांव के पास मंगलवार सुबह गेहूं की कटाई कर रहे किसानों को एक बार फिर तेंदुआ दिखाई देने से अफरा-तफरी मच गई। अचानक तेंदुआ दिखते ही खेतों में काम कर रहे किसान अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। सोमवार रात में भी तेंदुआ इसी गांव के कब्रितान के पास तेंदुआ देखा गया था।
बताया जाता है कि चिवटिहवा गांव के पूरब खेतों में किसान हाथ से गेहूं की कटाई कर रहे थे, तभी अचानक तेंदुआ दिखाई दिया। किसानों के शोर मचाने पर गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और लाठी-डंडों के सहारे हांका लगाने लगे। ग्रामीणों की भीड़ बढ़ने पर तेंदुआ खेतों से निकलकर गांव के पूरब स्थित नाले के किनारे झाड़ियों में घुस गया। इसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई है। किसान महेंद्र चौधरी, मतिउल्ला, पलटू प्रसाद, प्रमोद कुमार, विजय मौर्य और सतीश यादव ने बताया कि पिछले करीब एक वर्ष से तेंदुआ क्षेत्र में सक्रिय है, जिससे ग्रामीणों में लगातार दहशत बनी हुई है। कई बार वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।