गौरा चौराहा। तुलसीपुर वन क्षेत्र से करीब 20 किलोमीटर दूर ग्राम रतनपुर में तेंदुए की मौजूदगी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। शुक्रवार शाम बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास ऊंचाई पर बैठा तेंदुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने और हल्ला करने के बावजूद तेंदुआ बैठा रहा। उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि तेंदुआ दिखने की सूचना मिली है। वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
तेंदुए की आमद के बाद ग्रामीण ने बच्चों और मवेशियों को घरों के अंदर कर लिया। लोग अपने-अपने घरों के सामने लाठी-डंडा लेकर रखवाली करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह तेंदुआ अब जंगल नहीं, बल्कि आबादी को ही अपना ठिकाना बना चुका है।
दो वर्ष से सक्रिय है तेंदुआ, कई को बना चुका निशाना
ग्रामीण राजेश चौधरी, राकेश कुमार, हरिराम और रवींद्र कुमार ने बताया कि पिछले दो वर्षों से तेंदुआ लगातार क्षेत्र में सक्रिय है। बृहस्पतिवार को तेंदुआ अलगाई पाल की भेड़ को झुंड से उठा ले गया था। इससे पहले भी वह कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। पिछले वर्ष चिवटिहवा गांव के एक युवक को घायल कर दिया था, जबकि बाड़ी बिजुलिया के ग्राम चौकीदार पर दिनदहाड़े हमला कर उसे मरणासन्न कर दिया था। इसके अलावा दर्जनों गांवों में भैंस, बकरी, गाय, बछड़े और कुत्तों को भी तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है।
वन विभाग पर निष्क्रियता का आरोप
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक न तो पिंजरा लगाया गया और न ही तेंदुए को पकड़ने की कोई ठोस कार्रवाई हुई। डीपी भारती, हजारी गुप्ता, राधेश्याम, रामकुमार, गोपाल, हसन मोहम्मद और जितेंद्र सिंह समेत कई ग्रामीणों ने कहा कि दो वर्षों से पूरा इलाका भय के साये में जी रहा है।