यूपी के बलरामपुर में तेंदुए की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार रात तेंदुए ने हमला करके एक वर्ष के बछड़े को मार डाला। घटना के बाद गांव व आसपास के इलाकों में भय और असुरक्षा का माहौल है।
घटना हरैया सतघरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेढ़ीप्रास के मजरा गौरीदास पुरवा की है। गांव निवासी राजेश्वर यादव का एक वर्षीय बछड़ा घर के पास इंडिया मार्का हैंडपंप के निकट अन्य मवेशियों के साथ बंधा था। रात में तेंदुआ चुपके से बस्ती के करीब पहुंचा और बछड़े को दबोच लिया।
घसीटते हुए झाड़ियों में ले गया और मार डाला
इसके बाद वह उसे घसीटते हुए करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में ले गया और मार डाला। पशुओं की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने हांका लगाया तो तेंदुआ झाड़ियों की ओर भाग गया। सुबह खबर फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई।
पीड़ित ने बताया कि 16 मार्च को भी तेंदुए ने एक बछिया को मार डाला था। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत है और लोग रात में घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अब आबादी के करीब पहुंचकर मवेशियों को निशाना बना रहा है। इससे जान-माल का खतरा बढ़ गया है।
एक माह में कई हमले
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक माह में तेंदुआ कई पालतू जानवरों को अपना शिकार बना चुका है। टेढ़ीप्रास गांव में बुंदीलाल का पिल्ला उठा ले गया था। गांव के पश्चिम स्थित जमधरा-धोबैनिया पहाड़ी नाले के किनारे एक छुट्टा मवेशी का अवशेष भी मिला था। रामचरण का पालतू कुत्ता, तिलकराम के घर के सामने बंधी बछिया और रामकुमार की बकरी को भी तेंदुआ मार चुका है।
ग्रामीणों ने बताया कि गौरीदासपुरवा, टेढ़ीप्रास, छीटनडीह, बलिदानडीह, रंगवंशपुरवा, करौंदापुरवा, लछुआपुर और खैरहनिया सहित दर्जनभर गांवों में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। गांव के राम कुमार का कहना है कि गांव के पश्चिम में धोबैनिया-जमधरा पहाड़ी नाले के किनारे स्थित पुराने खंडहर मंदिर के आसपास तेंदुए की मौजूदगी की आशंका है।
क्षेत्रीय वनाधिकारी शत्रोहन लाल ने बताया कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।