पंप कर्मी से कहासुनी बढ़ने लगी
नगर के वीर विनय चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर सुबह सात बजे से ही ट्रैक्टर-ट्रॉली, बाइक और कारों की लंबी कतार लग गई। भीड़ के कारण कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। एक बाइक सवार और पंप कर्मी के बीच कहासुनी बढ़ने लगी, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीचबचाव कर स्थिति संभाली।
उतरौला मार्ग स्थित गोंदीपुर पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने की सूचना चस्पा कर दी गई। ग्राहक उमेश और पंकज ने बताया कि कई पंपों पर भटकने के बाद भी पेट्रोल नहीं मिला, अब जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। गोंडा मार्ग स्थित राज पेट्रोल पंप पर भी दोपहर दो बजे के बाद ही ईंधन आपूर्ति शुरू हो सकी। सुबह से लाइन में लगे कई उपभोक्ता खाली हाथ लौटते रहे।
रोजमर्रा के जीवन पर असर
हरैया सतघरवा क्षेत्र में भी महमूदनगर और हरैया पेट्रोल पंप पर ईंधन न मिलने से लोग परेशान दिखे। किसान राम केवल ने बताया कि डीजल न मिलने से सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। राजाराम और सुनील कुमार ने कहा कि भोर से पंप खुलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन भीड़ के कारण नंबर नहीं आया। पेहर बाजार स्थित इंडियन ऑयल पंप पर बुधवार से ईंधन समाप्त है।
पंप संचालक संतोष यादव ने बताया कि भुगतान कर ऑर्डर दे दिया गया है, आपूर्ति मिलते ही वितरण शुरू किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति में अस्थायी व्यवधान के कारण यह स्थिति बनी है। टैंकर पहुंचने के बाद ईंधन वितरण सामान्य होने की उम्मीद है। लोगों से अपील की गई है कि घबराकर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन लें, ताकि सभी को पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराया जा सके।
बिक्री में तीन गुना हुई वृद्धि
पेट्रोल-डीजल की बीते दो दिनों में 88 पंपों पर ग्राहकों की भीड़ जुटने से बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले में पेट्रोल की औसत दैनिक खपत 45,845 लीटर और डीजल की औसत दैनिक खपत 70,068 लीटर है। 25 मार्च को पेट्रोल की खपत 1,25,131 लीटर (करीब तीन गुना अधिक) और 25 मार्च को ही डीजल की खपत 2,06,414 लीटर (करीब तीन गुना) की बिक्री हुई है।
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बताया कि अफवाह के कारण सामान्य से कई गुना अधिक ईंधन की खरीद की गई, जिससे कुछ स्थानों पर अस्थायी दबाव की स्थिति उत्पन्न हुई है। जिले में ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है। वर्तमान स्टॉक में पेट्रोल 1,95,300 लीटर और व डीजल 2,05,200 लीटर उपलब्ध है। सभी पंपों पर पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है। कुछ पंपों पर स्टॉक का स्तर कम है, वहां भी आपूर्ति की जा रही है।