हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के बरहवा रेंज के बेलवा गांव में आदमखोर बन चुके तेंदुआ की दहशत कायम है। तेंदुआ पकड़ने के लिए जौनपुर से आए विशेषज्ञों व स्थानीय वन विभाग की टीम तमाम दावे के बावजूद बीते 15 दिनों से खाली हाथ है। इस बीच बीते 24 घंटे में दो बार तेंदुआ बेलवा गांव में घुस चुका है। इससे पूरे इलाके में दहशत कायम है।
तेंदुआ, निगरानी में जुटी वन विभाग की टीम को गच्चा देकर गांव क्षेत्र के आस पास ही मंडरा रहा है। ग्राम प्रधान कमलेश कुमार यादव, ग्राम वासी ननके चौहान, जोखन मौर्य, सत्य प्रकाश तिवारी, अनूप कुमार तिवारी आदि लोगों ने बताया कि वन विभाग की टीम खोजबीन के नाम पर महज रस्म अदायगी कर रही है। इससे बेखौफ तेंदुआ बीते 24 घंटे में एक दो बार गांव क्षेत्र में घुस चुका है।
वन विभाग के एसडीओ माता बख्श सिंह ने बताया कि गांव में तेंदुआ को पकड़ने के लिए पांच पिंजड़े लगाए गए हैं। इसके साथ ही ड्रोन कैमरे से भी तेंदुए की निगरानी हो रही है। बीती रात तेंदुआ पिंजरे तक तो आया लेकिन बाद में वापस जंगल में लौट गया। दावा किया कि उसे पकड़ने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
तेंदुआ अब तक गांव क्षेत्र के चार मासूमों का शिकार कर चुका है। तेंदुए ने अपना पहला शिकार बीते माह चार नवंबर को लाल नगर सिपहिया की तीन वर्षीय वंदनी को बनाया था। उसका शव दो दिन बाद जंगल में मिला था। इसके बाद तेंदुआ ने 11 नवंबर को ग्राम लाल नगर सिपहिया के ही के छह वर्षीय अरुण वर्मा को घात लगाकर और 16 नवंबर को ग्राम बेलवा के सात वर्षीय विकास को झपट्टा मार कर अपना दूसरा व तीसरा शिकार बनाया था। इसके बाद 24 नवंबर को तेंदुआ बनकटवा निवासी पांच वर्षीय रितेश को उठा ले गया था।
जिला प्रभागीय वनाधिकारी एम. सेम्मारन ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पूरे इलाके में ड्रोन से भी निगरानी कर, पिंजड़े भी लगाए गए हैं। ऐसे में जब तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आता, ग्रामीणों को भी पूरी सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।