फोटो-6-बलरामपुर के लालबोझी गांव में ग्रामीणों को जागरूक करते कर्मी ।-स्रोत : विभाग
महराजगंज तराई। बरहवा रेंज क्षेत्र के लालबोझी गांव में शनिवार भोर में तेंदुए ने गोशाला में बंधे छह माह के भैंस के पड़वे को उठा लिया। सुबह गोशाला पहुंचे पशुपालक को पड़वा गायब मिला। गौशाला में कई जगह खून के छींटे मिले हैं। इससे गांव में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका और बढ़ गई है।
लालबोझी निवासी कोदाई यादव ने बताया कि गांव के पास पोखरे के किनारे उनकी गोशाला है। शनिवार सुबह करीब चार बजे सोकर उठने के बाद वह गौशाला पहुंचे तो छह माह का पड़वा वहां नहीं था। आसपास तलाश करने के बावजूद उसका पता नहीं चला। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिन पहले भी गांव के पास तेंदुआ दिखाई दिया था। अब गोशाला से पड़वा गायब होने की घटना के बाद ग्रामीणों में डर बढ़ गया है।
भोला, बाऊर, परमानंद, कृष्ण कुमार और सोमई समेत ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। बरहवा रेंज के रेंजर बृजेश सिंह परमार ने बताया कि गांव में वन विभाग की टीम भेजी जाएगी। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जाएगी और तेंदुए की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी।
बाघ पकड़ने के लिए पिंजरा और कैमरे से निगरानी
जिले के दूसरे क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की आशंका, वन विभाग पहले से चला रहा अभियान
जिले के दूसरे क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की आशंका को लेकर वन विभाग पहले से अभियान चला रहा है। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग की तुलसीपुर रेंज के हलौरा संग्रामपुर गांव में पिंजरा लगाया गया है और ट्रैपिंग कैमरे से निगरानी की जा रही है। बाघ को पिंजरे तक लाने के लिए बकरी भी बांधी गई है।
वन विभाग मिट्टी और बालू की ट्रैकिंग पट्टी पर मिले पगचिह्नों के जरिए बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। दुधवा के बाघ विशेषज्ञ शत्रुघ्न लाल और वन विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आगे की योजना तय की है।