बलरामपुर। सोहेलवा जंगल के सीमावर्ती गांवों में तेंदुए का हमला नहीं थम रहा है। बीते चार माह में सीमावर्ती गांवों में तेंदुए के हमले की 15 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। बनकटवा, बरहवा, भांभर व जनकपुर रेंज से सटे गांवोें में दहशत है।
बनकटवा रेंज के बरगदही गांव में 19 फरवरी की रात में कमलेश यादव के बेटे स्वामीनाथ का तिलक कार्यक्रम था। बाइक से ईश्वरदीन यादव (30) व मायाराम यादव (25) बलदेवनगर से मिठाई लेकर घर बरगदही आ रहे थे। रास्ते में घुमनहवा ईदगाह के पास तेंदुए ने हमला करके घायल कर दिया। चौधरीडीह के मजरा झरिहरडीह में करीब चार माह पहले अजय कुमार की पत्नी ग्याना देवी पर तेंदुए ने हमला करके घायल कर दिया था। इसी ग्राम पंचायत के मजरा माधवडीह में करीब तीन माह पहले श्यामलाल की पत्नी रामकली पर तेंदुए ने घर में घुसकर घायल कर दिया था। बाइक सवार बनकटवा रेंज के ग्राम बैरिहवा निवासी अंकित कुमार तिवारी पर तेंदुए ने सकरी गांव के पास 24 फरवरी की रात करीब नौ बजे हमला कर घायल कर दिया था। घायल अंकित का सीएचसी शिवपुरा में इलाज कराया गया। बनकटवा रेंज के देवनगर गांव में 25 फरवरी की शाम को तेंदुए ने बकरी को निवाला बना लिया। जनकपुर रेंज के लालनगर सिपहिया गांव में तेंदुआ दिखने से दहशत है। इसी तरह से बरहवा रेंज में 15 दिन पहले फिरोजपुर, लैबुड़वा, किठूरा, बदलपुर, लहेरी व कौवापुर के पाटेश्वरीनगर में तेंदुए के हमले हुए हैं।
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लोगों को किया जा रहा जागरूक
-सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के सभी रेंजों में वन्य जीवों से सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान शुरु किया गया है। ग्रामीणों को मानव-वन्य जीव संर्घष से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं।
-डॉ. एम सेम्मारन, डीएफओ