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हड़ताली लेखपालों पर प्रशासन के धमकी का नहीं असर

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बलरामपुर। हड़ताली लेखपालों पर प्रशासन की धमकी का कोई असर नहीं दिख रहा है। प्रशासन के मुताबिक 245 लेखपाल अभी भी हड़ताल पर डटे हुए है। कलेक्ट्रेट गेट पर मंगलवार को लेखपालों ने कलमबंद हड़ताल जारी रख विरोध जताया।
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लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार व जिला मंत्री राजेश्वरी प्रसाद मौर्य कलेक्ट्रेट गेट पर धरने को संबोधित करते हुए कहा कि कई दिनों के आंदोलन के बाद भी शासन स्तर से उनकी समस्याएं सुनी नहीं जा रही हैं। लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन किया जा रहा है। प्रोन्नति दिलाने, रिक्त पड़े सर्किलों में लेखपालों की तैनाती, बाइक भत्ता सहित अन्य कई मांगों को लेकर प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर 11 दिसंबर से कलमबंद हड़ताल जारी है। जिले के 370 राजस्व गांवों का बस्ता जमा कर राजस्व कार्य नहीं किया जा रहा है।
इन राजस्व ग्रामों में भारी संख्या में आय, जाति व निवास आदि आवेदन भी लंबित हो चुके हैं। लेखपालों ने 26 दिसंबर तक पूर्ण कार्य बहिष्कार का एलान किया है। मांगे पूरी न होने पर 27 दिसंबर को लखनऊ पहुंच कर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उतरौला तहसील अध्यक्ष अभय चंद के नेतृत्व में लेखपालों ने धरना जारी रखा। महामंत्री मनोज यादव, राम लखन मौर्य, मोहम्मद अकरम, अखिलेश वर्मा, किशुनलाल व मोहम्मद आसिफ सहित तहसील के सभी लेखपाल शामिल रहे। तुलसीपुर तहसील अध्यक्ष अमित तिवारी के नेतृत्व में लेखपालों ने कलमबंद हड़ताल किया।
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पीके गुप्ता, वीके यादव, लल्लू प्रसाद व अमरेन्द्र बहादुर आदि लेखपाल धरने में शामिल हुए। लेखपालों के कलमबंद अनिश्चितकालीन हड़ताल से आय, जाति व निवास आदि प्रमाण पत्रों के लिए आवेदकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। डीएम कृष्णा करुणेश के निर्देश पर लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सहायक भूलेख अधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को हड़ताल में शामिल 20 लेखपाल काम पर लौट आए है। हड़ताल में शामिल 245 लेखपालों को नोटिस जारी किया गया है।
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