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Balrampur News: सर्दी में नेपाल के व्यापारियों से बड़े स्तर पर व्यापार की आस

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बलरामपुर के पचपेड़वा में ऊनी कपड़ों की खरीदारी करते लोग ।-संवाद
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तुलसीपुर। सीमा क्षेत्र के व्यापारी इस बार सर्दियों में बड़े व्यापार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। तुलसीपुर के व्यापारियों ने हाल ही में नेपाल के जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों से मुलाकात कर सीमापार व्यापार को और सशक्त करने की रणनीति बनाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि नवंबर से फरवरी के बीच भारत-नेपाल सीमा से सटे बाजारों में खाद्यान्न, ऊनी कपड़े, जूता-चप्पल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बिक्री में भारी वृद्धि होगी।
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सीमा पर बढ़ रही आवाजाही, बढ़ेगी आर्थिक गतिविधि
दीपावली और छठ के बाद सर्दी की शुरुआत के साथ ही नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों के कोहलाबास, गोपालगंज, लमही और घोड़ाही से व्यापारी बड़ी संख्या में भारतीय बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं। तुलसीपुर, कोयलाबास और हरैया के थोक बाजारों में नेपाली ग्राहकों की आमद लगातार बढ़ रही है। इससे व्यापारियों में उत्साह है। स्थानीय व्यापारी बताते हैं कि सीमापार व्यापार केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक रिश्तों का सेतु भी है। दोनों देशों के व्यापारी दशकों से एक-दूसरे के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए हुए हैं। हाल ही में तुलसीपुर के व्यापारी संगठन ने नेपाल के जनप्रतिनिधियों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें सीमा पर व्यापारिक आवागमन को सुगम बनाने, स्थानीय उत्पादों के आदान-प्रदान और बाजार सुरक्षा पर चर्चा हुई। नेपाल के गोपालगंज व्यापार मंडल के सचिव शिवसुंदर लमही ने कहा कि भारतीय बाजारों से सामान की गुणवत्ता और कीमत दोनों ही बेहतर हैं, इसलिए सर्दियों में खरीदारी का रुख बढ़ता है।
कपड़ा और खाद्यान्न कारोबार में सबसे ज्यादा संभावना
सर्दी के मौसम में कपड़ा कारोबारियों को सबसे ज्यादा उम्मीद है। ऊनी कपड़ों, कंबलों, जैकेट और स्वेटरों की बिक्री में तेजी आ रही है। साथ ही खाद्यान्न व्यापारियों के लिए भी यह समय लाभदायक माना जा रहा है, क्योंकि नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में खाद्यान्न की बड़ी मांग है। तुलसीपुर के थोक व्यापारी अशोक गुप्ता का कहना है कि सीमा क्षेत्र में इस बार व्यापार पिछले सालों की तुलना में ज्यादा सक्रिय है। नेपाली ग्राहक रोजमर्रा की वस्तुओं से लेकर कपड़ों तक बड़ी मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं। व्यापारी संगठन के अध्यक्ष रमेश पहवा ने बताया कि सीमापार व्यापार से न केवल व्यापारियों को बल्कि स्थानीय मजदूरों, ट्रांसपोर्टरों और दुकानदारों को भी फायदा होता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि सीमा पार आने-जाने वाले व्यापारियों के लिए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर की जाए।
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