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Balrampur News: नेत्र विभाग में माइक्रोस्कोप व इन्वर्टर बैटरी नहीं, जांच ठप

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बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में टॉर्च की रोशनी में आंख जांच करते चिकित्सक ।-संवाद - फोटो : अमर उजाला
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बलरामपुर। जिला मेमोरियल अस्पताल के नेत्र विभाग में माइक्रोस्कोप व इन्वर्टर बैटरी की दरकार है। संसाधन न होने से यहां के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। बैटरी खराब होने से बिजली जाते ही वार्ड में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में चिकित्सक टॉर्च की रोशनी से किसी तरह काम चलाते हैं। बृहस्पतिवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
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नेत्र रोग विभाग में लगी इन्वर्टर बैट्री कई महीनों से खराब है। लोड न उठाने के कारण बिजली जाते ही अंधेरा हो जाता है। ऐसे में चिकित्सक व कर्मियों को काम बंद करना पड़ता है। वहीं, माइक्रोस्कोप न होने से मरीजों के आंखों की जांच में भी परेशानी होती है। नेत्र परीक्षण अधिकारी टॉर्च की रोशनी से करके काम चलाते हैं। जिला अस्पताल होने के कारण आंखों से संबंधित यहां औसतन 50 से 55 मरीज प्रतिदिन आते हैं। बृहस्पतिवार को ओपीडी में लाइट जाते ही अंधेरा हो गया। नेत्र परीक्षण अधिकारी रवींद्र कुमार टॉर्च से जांच करते दिखे। ओपीडी में खड़ी सलमा व आकांक्षा ने बताया कि अंधेरे में अच्छे से जांच नहीं हो पाती है। इसी तरह राघव व रमेश ने बताया कि माइक्रोस्कोप होता तो आंखों की अच्छे से जांच हो सकती थी।
प्रशिक्षण का नहीं मिल रहा लाभ
अस्पताल के नेत्र रोग सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार ने (स्माल इंसीजन कैटारेक्ट सर्जरी या छोटा चीरा मोतियाबिंद) एसआईसीएस विधि का विशेष तौर पर प्रशिक्षण लिया है। अक्तूबर 2024 में रायपुर में नेत्र सर्जन ने दो महीने का प्रशिक्षण प्राप्त किया था, लेकिन यहां संसाधन न होने से उनके प्रशिक्षण का लाभ यहां के मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
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शीघ्र दूर होंगी कमियां
माइक्रोस्कोप व इन्वर्टर बैटरी की डिमांड के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। जल्द ही अन्य कमियों को दूर कराया जाएगा।
- डॉ. शारदा रंजन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बलरामपुर
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