फोटो-46-बलरामपुर के बड़ा परेड ग्राउंड के पास स्थित लाइब्रेरी का निरीक्षण करते एसडीएम ।-स्रोत:
बलरामपुर। लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद जिले में कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई है। बुधवार को सदर एसडीएम हेमंत गुप्ता और अग्निशमन विभाग की टीम ने दूरसंचार विभाग के बगल संचालित उड़ान लाइब्रेरी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने के साथ छात्रों को आपात स्थिति में बचाव के तरीके भी बताए।
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने छात्रों को आग लगने या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी की जानकारी दी। सदर एसडीएम ने लाइब्रेरी में अध्ययनरत विद्यार्थियों से बातचीत कर उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही संचालक को संचालन से संबंधित अभिलेख, सुरक्षा मानकों और अन्य आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोचिंग अधिनियम और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कोचिंग संस्थानों व लाइब्रेरी का संचालन किया जाए।
जिले की तीनों तहसीलों में देर शाम तक विशेष जांच अभियान चलाया गया। जिला अग्निशमन अधिकारी अंकित कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 25 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया गया। जांच टीम में संबंधित तहसीलों के उप जिलाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
निरीक्षण में कई संस्थानों में सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां सामने आईं। अधिकांश कोचिंग और लाइब्रेरी में केवल एक ही निकास द्वार मिला, जबकि आपातकालीन परिस्थितियों में दो या अधिक निकास मार्ग आवश्यक माने जाते हैं। कई जगह सीढ़ियों की चौड़ाई भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली। हालांकि अधिकांश संस्थानों में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध पाए गए। अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की चेतावनी दी है। जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
क्षमता से अधिक विद्यार्थियों पर अभिभावकों की चिंता
शहर के तुलसीपुर मार्ग, रामलीला मैदान, सिटी पैलेस मार्ग और एमएलके पीजी कॉलेज के आसपास संचालित कई कोचिंग और लाइब्रेरी विद्यार्थियों की पहली पसंद हैं। अभिभावकों का कहना है कि कुछ संस्थानों में 20 से 25 विद्यार्थियों की क्षमता वाले कक्षों में 50 से 60 तक छात्र-छात्राएं बैठाए जा रहे हैं। कई भवनों में कोचिंग और लाइब्रेरी एक साथ संचालित होने से भीड़ बढ़ रही है, जिससे किसी आपात स्थिति में जोखिम बढ़ सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने बताया कि सुरक्षा मानकों की जांच जारी है।