बलरामपुर। शहर में यातायात का दबाव कम करने के लिए टू लेन रिंग रोड के निमार्ण की प्रक्रिया में तेजी आई है। 15 गावों में जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा हो गया है। 20.515 किमी लंबे रिंग रोड के निर्माण पर कुल 515.69 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
रिंग रोड में एक बड़ा पुल, सात छोटे पुल, छह वाहन अंडर पास, तीन प्रमुख जंक्शन, 31 माइनर कॉर्नर बनेंगे। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि रिंग रोड बन जाने से नगर मेें यातायात दबाव कम होने के साथ ही बहराइच से तुलसीपुर, गोंडा और उतरौला जाने वाले बड़े वाहनों को शहर के अंदर नहीं जाना पड़ेगा। जिलाधिकारी ने स्वयं अधिग्रहण के कार्य की निगरानी कर उसे पूरा कराया है।
बताया कि रिंग रोड निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है। इसके लिए चिह्नित 16 ग्रामों में से 15 ग्रामों में भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है, एक मात्र ग्राम गनवरिया में भूमि अधिग्रहण का कार्य बचा है। जिसे अगले 10-15 दिनों के पूरा करने की तैयारी है। रिंग रोड निर्माण के लिए टेंडर का कार्य भी पूरा हो गया है।
भूमि अधिग्रहण पर खर्च हुए 102.67 करोड़
रिंग रोड सदर विकासखंड के 16 ग्रामों को जोड़ने के साथ ही जाम की समस्या से निजात दिलाने में बेहद कारगर होगा। रिंग रोड का निर्माण कार्य गोंडा पर दुल्हिनपुर जंगल से होते हुए बहराइच रोड पार कर तुलसीपुर रोड पर बिजलीपुर गांव के पास पेट्रोेल पंप के सामने तक होगा। रिंग रोड के निर्माण के लिए कुल 95 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। इसमें 15 गांव सिरसिया, बेलवा सुल्तानजोत, दुल्हिनपुर, बालपुर, गोपालपुर, बरांव, पयागपुर, ज्योनार, कलन्दरपुर, कोयलरा, सेखरपुर, हंसुवाडोल, शंकरपुर, सेखुईकलां और बलरामपुर देहात में भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। इसके लिए अब तक 102.67 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। एक ग्राम गनवरिया में भूमि का अधिग्रहण करने के लिए कार्यदायी संस्था भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़क परिवहन और राजमार्ग विभाग वन विभाग और रेल विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार कर रही है।
बढ़ती जा रही शहर में जाम की समस्या
जिले की जनसंख्या का आकड़ा 25 लाख के पार पहुंच चुका है। लगभग 15 हजार बाइक, सात हजार ट्रैक्टर ट्राॅलियां, 500 बसें और पांच हजार से अधिक लग्जरी वाहन जनपदवासियों के पास उपलब्ध हैं। यह जिला बौद्ध सर्किट एनएच-730 से जुड़ता है। गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर जिले इसी मार्ग से जुड़ते हैं। नगर के वीर विनय चौराहे को सबसे व्यस्ततम क्षेत्र माना जाता है। गोरखपुर से गोंडा और लखनऊ जाने वाले सभी बड़े वाहन इसी व्यस्ततम चौराहे से होकर गुजरते हैं। झारखंडी व संतोषी माता तिराहा पर ओवर ब्रिज न होने से रेलवे क्रॉसिंग बंद होते ही नगर में भारी जाम लग जाता है। रिंगरोड बनने से यहां पर जाम की स्थिति में कमी आएगी।