बलरामपुर के संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओपीडी में बैठे मरीज ।-संवाद
- फोटो : एलिया सीएचसी पर घायल का इलाज करता स्वास्थ्य कर्मी।
बलरामपुर। ठंड का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में हड्डी रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। संयुक्त जिला चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ/आर्थो सर्जन न होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। अस्पताल में तैनात आर्थो सर्जन कई महीने से चिकित्सीय अवकाश पर हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) के अधीन संचालित संयुक्त जिला चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. केके बरनवाल की तैनाती है। कहने को तो अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती है, लेकिन यह लगातार चिकित्सीय अवकाश पर चल रहे हैं। बीते कई माह से वह ओपीडी में नहीं बैठे हैं। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रतिदिन लौटते हैं 50 से 60 मरीज
जिला अस्पताल होने के कारण यहां प्रतिदिन हड्डी रोग से संबंधित 50 से 60 मरीज आते तो हैं, लेकिन चिकित्सक न होने के कारण उन्हें बिना इलाज ही लौटना पड़ता है। बृहस्पतिवार को ओपीडी के बाहर बैठे राधेश्याम ने बताया कि उनके बेटे के पैर में चोट लग गई है, चिकित्सक को दिखाना है। कक्ष में कोई नहीं बैठा है। राम प्यारी ने बताया कि उनके कमर में कई दिनों से दर्द है। चिकित्सक को दिखाने आई हैं, लेकिन यहां डॉक्टर नहीं है। इसी तरह हाथ-पैर टूटने वाले कई मरीज भी ओपीडी के पास बैठे दिखे।
मेडिकल अवकाश पर हैं डॉक्टर
हड्डी रोग विशेषज्ञ स्वास्थ्य अवकाश पर हैं। इसके लिए उन्होंने प्रार्थनापत्र दिया है। यदि वह इस्तीफा देते हैं तो दूसरी तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
- डॉ. राज कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक