बलरामपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व भूतपूर्व सैनिक के परिवारों के लिए तीन गांवों में कोटे की दुकान आरक्षित है। इन गांवों में ऐसे परिवार न होने के कारण कई सालों से कोटेदार का चयन ही नहीं हो पाया है। अब पूर्ति विभाग ने आरक्षण बदलवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की है।
रेहरा बाजार ब्लॉक के विशंभरपुर व गैसड़ी के चरनगहिया गांव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार के लिए कोटे की दुकान आरक्षित है। वहीं, तुलसीपुर ब्लॉक के बालापुर में भूतपूर्व सैनिक के लिए कोटा आरक्षित किया गया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार के लिए कोटा तो आरक्षित कर दिया गया, लेकिन इन गांवों में ऐसा कोई परिवार ही नहीं रहता है। ऐसे में पूर्ति विभाग इन गांवों में कोटेदार का चयन ही नहीं कर पा रहा है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के निर्देश पर आरक्षण बदलवाने के लिए अब प्रक्रिया तेज की गई है। जिले से अब उच्चाधिकारियों को पत्र लिखना शुरू किया गया है। (संवाद)
17 गांवों में कोटा निरस्त व पांच में निलंबित
जिले के 17 गांवों में इस समय कोटा निरस्त चल रहा है। इन गांवों में कोटेदार चयन की प्रक्रिया चल रही है। वहीं पांच गांवों में कोटा निलंबित है। इन गांवों के कोटे को पास के गांवों में संबद्ध किया गया है, ताकि ग्रामीणों को आसानी से हर महीने राशन की आपूर्ति की जा सके।
आरक्षण बदलवाने के लिए भेजा गया है प्रस्ताव
तीन गांव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व भूतपूर्व सैनिक के परिवार के लिए कोटेदार का पद आरक्षित है। इन गांवों में ऐसे परिवार न होने कोटेदार का चयन लंबित है। आरक्षण बदलवाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
- कुमार निर्मलेंदु, जिला पूर्ति अधिकारी बलरामपुर