गैसड़ी (बलरामपुर)। स्थानीय ब्लॉक का कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नचौरा स्थित जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। यहां बालिकाएं जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करती हैं। प्रसाधन घर में दरवाजा न होने के कारण बालिकाओं को काफी असुविधा झेलनी पड़ती है। विषयों के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती न होने से बालिकाओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। बालिकाओं तथा शिक्षिकाओं ने समस्याओं के निराकरण की मांग डीएम से की है।
छात्रा मीरा, गीता, अनीता, पूजा व संजना आदि ने डीएम को भेजे गए मांग पत्र में कहा है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नचौरा का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बारिश होने पर छत से पानी टपकने के कारण छात्राओं के बिस्तर व कपड़े आदि भीग जाते हैं। किचन का छत भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त है।
छात्रावास में झाड़ियों के चलते सर्प आदि का डर हमेशा बना रहता है। भवन की रंगाई-पुताई कई वर्षों से नहीं हुई है। दरवाजा न होने के कारण शौचालय का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। छात्रों ने डीएम से भवन का मरम्मत कराए जाने तथा समस्याओं का निराकरण कराए जाने की मांग की है।
विद्यालय की वॉर्डन सुधा मिश्रा ने बताया कि यहां पर कुल 15 पद सृजित है जिनमें तीन पार्ट टाइम टीचर, चार फुल टाइम टीचर, एक वार्डेन, एक चौकीदार, एक उर्दू टीचर व एक चपरासी का पद शामिल है। सृजन के अनुरूप पदों पर शिक्षकों की तैनातीन होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल के मरम्मत व रंगाई-पुताई के लिए कई बार शासन से बजट की मांग की गई लेकिन बजट न मिलने के कारण रंगाई-पुताई व मरम्मत नहीं हो सकी है।
बीईओ हृदयशंकर लाल श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यालय जर्जर होने की सूचना विभागीय उच्चाधिकारियों को दी गई है। शीघ्र ही समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा।