बलरामपुर। कार्तिक पूर्णिमा पर पांच नवंबर को राप्ती नदी के सिसई घाट और शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर के सूर्यकुंड पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। श्रद्धालु नदी में आस्था की डुबकी लगाने के बाद भगवान विष्णु और शिव की पूजा-अर्चना करेंगे। घाटों पर स्नान, दान और पूजन का क्रम दिनभर चलता रहेगा।
झारखंडी मंदिर के मुख्य पुजारी सोनू गिरि ने बताया कि भगवान विष्णु को प्रिय कार्तिक पूर्णिमा का स्नान अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने पाप से मुक्ति मिलती है।
उन्होंने बताया कि कार्तिक मास को पुण्य मास भी कहा गया है और इस दिन दान का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। एसपी विकास कुमार ने बताया कि सिसई घाट और देवीपाटन क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। गोताखोरों की टीम, स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस और जल पुलिस को भी मुस्तैद किया गया है। घाटों पर सफाई, रोशनी और पेयजल की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
कार्तिक मेले का होगा आयोजन
पेहर बाजार। कुआनो नदी के सुंदरघाट पर कार्तिक मेले का आयोजन किया जाएगा। मंदिर के पुजारी पंडित शिवदीन ने बताया कि मेले की शुरुआत वर्ष 1949 में हुई थी। आसपास के उतरौला, रेहरा, कुतुबगंज और नयानगर क्षेत्रों के लोग मेले में भाग लेते हैं। इसके अलावा राप्ती नदी पर भी मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में आसपास गांवों से भारी संख्या में ग्रामीण पहुंचकर खरीदारी करते हैं।