उतरौला/तुलसीपुर। सात दिनों तक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ चले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का बृहस्पतिवार देर रात भव्य विसर्जन शोभायात्राओं के साथ समापन हुआ। ‘अगले बरस फिर आना’ के गगनभेदी जयघोष, भक्तिमय भजनों, बैंड-बाजों और डीजे की धुनों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण को भावभीनी विदाई दी। देर रात तक दोनों नगर कृष्णमय रहे और सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
उतरौला में शोभायात्रा डाकघर से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इससे पहले ज्वाला महारानी मंदिर परिसर में नगर की आकर्षक झांकियां एकत्र हुईं। यहां से ‘जय श्रीकृष्ण’ के उद्घोष के बीच भव्य जुलूस रवाना हुआ। तुलसीपुर में शोभायात्रा मिल चुंगी नाका से निकलकर पुरानी बाजार, हनुमानगढ़ी चौराहा, नई बाजार और पुरवा कलश चौराहा समेत प्रमुख मार्गों से होते हुए निर्धारित विसर्जन स्थल पहुंची।
मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी और पुष्पवर्षा की। लोगों ने पेयजल व मिष्टान्न वितरित कर सेवा भाव का परिचय दिया। यात्रा के दौरान युवा अबीर-गुलाल उड़ाते हुए भक्ति गीतों पर झूमते रहे। नगरभर में ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारे गूंजते रहे। समापन के बाद भंडारों में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उतरौला में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रात करीब दो बजे भगवान श्रीकृष्ण का विसर्जन संपन्न हुआ। व्यवस्था में उपजिलाधिकारी योगेंद्र शरण शाह, चेयरमैन प्रतिनिधि अनूप गुप्त, संतोष कसौंधन, विक्की गुप्ता, जीतू कौशल, संजय कौशल, शुभम गुप्ता, अमन कुमार, अंशु गुप्ता, सचिन गुप्ता, संजय गुप्ता, मनीष कौशल, रूपेश कुमार गुप्ता, मयंक गिरि और आशीष कसौधन आदि ने सहयोग किया।
वहीं, तुलसीपुर में अरुण देव आर्य, अनिल लाठ, अमित कसौधन, शालिनी गुप्ता और प्रियंका गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी। सभी ने नगर की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।