बलरामपुर। जिले के आठ हजार बेरोजगारों के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर निजी कंपनियों में नौकरी पाने का सुनहरा मौका आया है। केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने की दिशा में शानदार पहल की जा रही है।
14 से 35 वर्ष तक के युवक-युवतियों को विभिन्न ट्रेड में ट्रेनिंग दिलाकर नौकरी के योग्य बनाया जा रहा है। नीति आयोग के चयनित देश के 115 जनपदों में मई 2019 की डेल्टा रैंकिंग में बलरामपुर को स्किल डेवलपमेंट में दूसरा स्थान मिला है। नीति आयोग भारत सरकार के सलाहकार शांतनु राय ने बीते दिनों जनपद भ्रमण के दौरान बेहतर प्रयास की सराहना की है।
कौशल विकास मिशन के जिला प्रबंधक विनोद कुमार तिवारी व गोविंद पांडेय ने बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 में जिले के आठ हजार बेरोजगारों को निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने के लिए पौध तैयार की जा रही है।
14 से 35 वर्ष तक के बेरोजगार युवक-युवतियों को उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन में 2862, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना में 141, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 236, रूलर सेंटर इंस्पाइलमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में 152, प्रधानमंत्री कौशल्य केंद्र में 1446 तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में 811 युवक-युवतियों को ट्रेनिंग देकर नौकरी के योग्य बनाया जा रहा है।
इन सभी में मात्र 1523 का ही लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 5648 युवक-युवतियों को निजी कंपनियों में नौकरी की आस जगी है। 1135 के सापेक्ष 1975 बेरोजगार युवक-युवतियों को विभिन्न ट्रेडों में ट्रेनिंग दिलाकर नौकरी पाने का सपना पूरा कराया गया है।
200 के सापेक्ष 120 बेरोजगारों को अप्रेंटिस भी कराया जा रहा है। जिले के आठ सौ बेरोजगारों को ट्रेनिंग दिलाकर निजी कंपनियों में नौकरी का ऑफर लेटर दिलाया गया है।
सितंबर 2018 में राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद की तरफ से टूरिज्म एंड हास्पिटैलिटी सेक्टर स्किल काउंसिल में तीन हजार रिक्तयों के साथ मंडल स्तरीय मेले भी लगाया जा चुका है।
सीडीओ अमनदीप डुली व जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन/पीडी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि विभिन्न ट्रेडों में 14 से 35 वर्ष तक के बेरोजगार युवक-युवतियों को ट्रेनिंग दिलाकर जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
बीते दिनों जनपद भ्रमण पर आए नीति आयोग के सलाहकार शांतनु राय ने बेहतर प्रयास की सराहना करते हुए भारत सरकार से जिले में उद्योग लगाने के लिए प्रस्ताव रखने का आश्वासन दिया है।
सलाहकार को टेक्सटाइल्स उद्योग, आयुर्वेदिक औषधि कारखाना, खाद्य उद्योग, दलहन कारखाना, दुग्ध आधारित उद्योग तथा सौंदर्य प्रसाधन उद्योग आदि का मसौदा सौंपा गया है।
कृषि कार्य, फार्मिंग, पशुपालन, डेयरी, मधुमक्खी पालन, गुड़ कोल्हू का प्रशिक्षण, उद्यान, आटोमोटिव, सोलर लाइट टेक्नीशियन, हैवी मोटर्स टेक्नीशियन, फर्नीचर एंड वुड वर्क, सीसीटीवी फिटर, मोबाइल व कंप्यूटर इंस्टॉलेशन, हेयर कटिंग, टेलरिंग आदि की युवक-युवतियों को ट्रेनिंग दिलाने की योजना बनाई जा रही है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि जिले के तीनों तहसील मुख्यालयों पर बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने के लिए ट्रेंनिंग सेंटरों का संचालन किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले के नौ ब्लॉकों के सापेक्ष छह में नए प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन शुरू करने में सफलता मिली है। शेष तीन ब्लॉकों में भी ट्रेनिंग सेंटर खोलने का प्रयास किया जा रहा है।