बलरामपुर के पीएचसी पुरैना वाजिद में खाली डॉक्टर की कुर्सी।
बलरामपुर। मरीजों काे मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए शुरू किया गया मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लापरवाही की भेंट चढ़ता जा रहा है। चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टॉफ निर्धारित समय से पहले ही अस्पताल से चले जाते हैं। ऐसे में इस योजना का उद्देश्य फलीभूत नहीं हो पा रहा है। बीमारी से पीड़ित मरीज निजी डॉक्टरों से उपचार कराने को मजबूर हैं। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को श्रीदत्तगंज क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुरैना वाजिद में देखने को मिला।
दोपहर 3:5 मिनट पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर मोहम्मद तारिक सिद्दीकी की कुर्सी खाली मिली। फार्मासिस्ट गुफरान अली खान, स्टाफ नर्स सुमन यादव व सविता कुमारी भी अनुपस्थित मिले। सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सौरभ यादव और स्वीपर उमाशंकर अपना-अपना कार्य करते देखे गए।
अस्पताल में उपस्थित वार्ड बॉय मोहम्मद इसराइल ने बताया कि डॉक्टर व फार्मासिस्ट सुबह आए थे, अपराह्न ढाई बजे तक मरीज देखने के बाद वे घर चले गए। बताया कि आरोग्य मेले में सभी मरीजों का उपचार किया गया है। दूसरी ओर पीएचसी मणिपुर सहिजना में डॉ. पवन कुमार गुप्ता, पीएचसी बलदेव नगर में डॉ. बृजेश जायसवाल ओपीडी करते मिले।
615 मरीजों के उपचार का दावा
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि रविवार को जिले के 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 620 मरीजों का उपचार किया गया। जिसमें 244 महिलाएं, 262 पुरुष और 109 बच्चे शामिल रहे।
दिया जाएगा नोटिस
सुबह दस से शाम चार बजे तक पीएचसी पर आरोग्य मेले का आयोजन होता है। सभी कर्मियों को पूरे समय अस्पताल में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। डॉक्टर व फार्मासिस्ट समय से पहले कैसे घर चले गए, इस संबंध में अनुपस्थित कर्मियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
- डॉ. विकल्प मिश्रा, अधीक्षक सीएचसी श्रीदत्तगंज