फोटो-12- सादुल्लाहनगर बाजार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत आयोजक
सादुल्लाहनगर। बाजार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मध्यरात्रि में जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का पावन क्षण आया, पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठा।
प्रवाचक ओम नारायण मिश्र ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि अत्याचारी कंस के अत्याचारों से व्याकुल पृथ्वी की रक्षा के लिए भगवान ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। उन्होंने देवकी-वसुदेव के कारागार में जन्म तथा वासुदेव द्वारा यमुना पार कर गोकुल में नंद बाबा और यशोदा मैया के यहां श्रीकृष्ण को पहुंचाने की दिव्य लीला का वर्णन किया, जिसे सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। काशी-वाराणसी से आए सत्यम मंचल व कलाकारों ने मंगल गीत व भजनों की प्रस्तुत किए। इस अवसर पर मुख्य यजमान गंगाराम गुप्त व उनकी धर्मपत्नी तारा देवी, अनुज गुप्त, रामलौटन गुप्त, घनश्याम गुप्त, बजरंगी गुप्त, प्रदीप गुप्त, पंकज गुप्त सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।