बलरामपुर। ग्राम पंचायत धनखरपुर हाटी में पंचायत सहायक की आईडी का कथित दुरुपयोग कर सरकारी धन के भुगतान में अनियमितता के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। डीपीआरओ अशोक कुमार ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत, पचपेड़वा और डीपीएम आकाश विश्वकर्मा को जांच कर तीन दिन में साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
डीपीआरओ ने बताया कि धनखरपुर हाटी में पंचायत सहायक की आईडी का दुरुपयोग कर निजी व्यक्तियों के माध्यम से पंचायत भवन से बाहर सरकारी कंप्यूटर या सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए भुगतान कराए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत में फर्जी बिलों के माध्यम से करीब तीन लाख रुपये का सरकारी भुगतान निकाले जाने का आरोप है। इसकी जांच कराई जाएगी। इसके अलावा हैंडपंप मरम्मत के नाम पर करीब 1.50 लाख रुपये के भुगतान की भी जांच और स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। पंचायत सहायक की आईडी से किए गए लॉगिन और भुगतान का ऑनलाइन विवरण भी खंगाला जाएगा।
आईडी-पासवर्ड बदलने की भी होगी पड़ताल
जांच में पंचायत भवन से कंप्यूटर सिस्टम बाहर ले जाकर किसी निजी या बाहरी व्यक्ति से उसका इस्तेमाल कराने के आरोपों की भी पड़ताल होगी। साथ ही आईडी और पासवर्ड में बदलाव किए जाने की स्थिति की भी जांच की जाएगी।
चार पंचायतों के भुगतान पर भी मांगा स्पष्टीकरण
मई 2026 में पंचायत सचिवालय में स्थापित कंप्यूटर के बजाय अन्य स्थानों से किए गए भुगतान को लेकर चार पंचायतों के सचिवों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। इनमें बलरामपुर सदर ब्लॉक के सिरसिया में पांच हजार रुपये, हरैया सतघरवा के बनकटवा टिकुलीगढ़ में 37,077 रुपये तथा पचपेड़वा की रजडेरवा थारू में 2,42,459 रुपये, मोतीपुर सेमरी में 93,572 रुपये और सुगानगर डोमरी में 82,500 रुपये के भुगतान शामिल हैं।
इन भुगतानों को लेकर संबंधित सचिवों को पहले भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। जवाब नहीं मिलने पर डीपीआरओ ने अंतिम चेतावनी देते हुए दो दिन के भीतर गेटवे से जुड़े अभिलेखों के साथ कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को सूचित करने की चेतावनी दी गई है।