बलरामपुर। छोटी काशी के रूप में मशहूर बलरामपुर नगर में अक्षय नवमी पर शनिवार को सप्तकोसी परिक्रमा का आयोजन हुआ। सप्त कोसी परिक्रमा में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने नगर के सभी प्रमुख मंदिरों का भ्रमण करते हुए पूजा-अर्चना की। नगर परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने घर में खुशहाली व सुख समृृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
बताते चलें कि बलरामपुर राज परिवार बड़ा ही धर्म परायण परिवार रहा है। इस राज परिवार के शासक शिव भक्त थे। शिव भक्ति के कारण ही बलरामुपर राज परिवार की तरफ से नगर में जहां तमाम शिवालियों का निर्माण कराया गया था वहीं 109 वर्ष पूर्व नगर परिक्रमा की शुरूआत भी की गई थी।
शिवालयों की अधिक संख्या एवं नगर परिक्रमा के चलते बलरामपुर नगर को छोटी काशी के रूप में जाना जाता है। अक्षय नवमी के दिन निकलने वाले सप्त कोसी परिक्रमा का शुभारंभ शनिवार को राज्यमंत्री पल्टूराम ने झारखंडी मंदिर में पूजा-अर्चना व नारियल फोड़कर किया।
उन्होंने हरी झंडी दिखाकर परिक्रमा जुलूस को झारखंडी मंदिर से रवाना किया। परिक्रमा समिति के सदस्य रघुनाथ अग्रवाल, डॉ. कौशल्या गुप्ता, अविनाश मिश्र, तुलसीश दुबे, केके तिवारी, अनिरुद्ध प्रसाद राव, पंकज गुप्ता, पंडित बजरंगी प्रसाद शास्त्री, पंडित बाबादीन तिवारी, विजय प्रताप सिंह, अमरेंद्र उपाध्याय, उदयभान पांडेय, आकाश पांडेय, सोनू गिरि, कृष्ण गोपाल गुप्ता, रवीन्द्र गुप्ता कमलापुरी आदि के नेतृत्व में परिक्रमा जुलूस वीर विनय चौराहा व कालीथान होते हुए बिजलीपुर मंदिर पहुंची।
यहां पर मां बिजलेश्वरी की पूजा-अर्चना के बाद परिक्रमा जुलूस रानी तालाब मंदिर, तुलसीदास पोखरा व नहर बालागंज होते हुए झारखंडेश्वर महादेव मंदिर धर्मपुर पहुंचा। यहां पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना के बाद परिक्रमा जुलूस गोशाला भगवतीगंज व संतोसी माता मंदिर होते हुए बलरामपुर राज महल नीलबाग पैलेस पहुंचा।
यहां पर स्थित राधाकृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। राज परिवार की तरफ से परिक्रमा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। वहां से निकलकर परिक्रमा जुलूस पुन: झारखंडी मंदिर पहुंचा।
मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सप्तकोसी नगर परिक्रमा का समापन हुआ। परिक्रमा में पुरूषों के साथ भारी संख्या में महिलाओं व बच्चों ने भी भाग लिया। परिक्रमा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी परिक्रमा में शामिल रहा।
बलरामपुर रियासत के राजमहल नीलबाग पैलेस में स्थित राधाकृष्ण मंदिर आम जनता के लिए साल में केवल एक बार अक्षय नवमी के दिन खुलता है। दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला से परिपूर्ण इस मंदिर में वैसे तो राज परिवार के पुरोहित प्रतिदिन पूजा करते हैं लेकिन आमजनता केवल अक्षय नवमी के दिन ही राधाकृष्ण का दर्शन करने को पाते हैं। इस मंदिर में दर्शन के बिना नगर परिक्रमा अधूरी मानी जाती है। इसी मान्यता के अनुरूप शनिवार को परिक्रमा जुलूस राधाकृष्ण मंदिर पहुंचा तो मंदिर के पुरोहित ने श्रद्धालुओं को दर्शन कराया।