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पैसा वसूलने की शिकायत पर भड़की राज्य महिला आयोग की सदस्य

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बलरामपुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने बुधवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों से पैसा वसूले जाने तथा बाहर से दवा व पैथालॉजी जांच का पर्चा लिखे जाने की शिकायत पर राज्य महिला आयोग की सदस्य भड़क उठी। चिकित्सकों को बाहर से दवा व जांच न लिखे जाने की हिदायत देते हुए उन्होंने मरीजों से पैसा वसूलने वाली स्टॉफ नर्सों का वेतन रोकने का निर्देश सीएमएस को दिया। चेतावनी के बाद भी अस्पताल की व्यवस्था में सुधार न होने पर मुख्यमंत्री व डिप्टी सीएम को जांच रिपोर्ट सौंपने की बात कही है।
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जिले के दौरे पर आईं राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल बुधवार की दोपहर 12.30 बजे के करीब संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंची। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में सर्जन, आर्थोपैडिक सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ व महिला चिकित्सक के कक्ष की कुर्सियां खाली मिली। मरीज इलाज के लिए चिकित्सक का इंतजार करते दिखे। कर्मियों ने बताया कि सभी चिकित्सक व स्टॉफ नर्स सीएमओ ऑफिस में एक ट्रेनिंग के लिए गए हैं। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुशील कुमार को फोन करके अस्पताल बुलाया। उन्होंने सीएमओ से कहा कि चिकित्सक व स्टॉफ नर्स की ट्रेनिंग ओपीडी के बाद रखी जा सकती थी। ऐसा फिर न हो, इसका ख्याल रखा जाए। अस्पताल में मौजूद मरीज व तीमारदार सुनीता, विमल कुमार, समशुद्दीन, नीलम व राम कुमार आदि ने महिला सर्जन उम्मे खतीजा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मेधावी सिंह व डॉ. नैंसी त्रिपाठी द्वारा बाहर की दवा व जांच लिखे जानेे की शिकायत की।
मरीजों ने महिला आयोग की सदस्य से शिकायत किया कि प्रसव कक्ष व वार्ड में स्टॉफ नर्स कल्पना त्रिपाठी, दीपा सिंह व दीपा पांडेय इलाज के नाम पर अवैध वसूली करती हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने महिला चिकित्सक व स्टॉफ नर्सों को कड़ी फटकार लगाई। मौके पर महिला सर्जन उम्मे खतीजा मौजूद नहीं मिली। आयोग की सदस्य के निर्देश पर सीएमओ ने प्रसव कक्ष से उपस्थिति पंजिका मंगवाया तो उसमें महिला सर्जन की ड्यूटी का कोई ब्योरा नहीं मिला। सीएमओ को मामले में जांच कर महिला सर्जन के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने मरीजों से अवैध वसूली के मामले में स्टॉफ नर्सों का वेतन रोकने का निर्देश भी दिया है।
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