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मोतीपुर गांव में थम नहीं रहा संक्रामक रोग का प्रकोप, एक और बच्चे की मौत

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बलरामपुर। हरैया सतघरवा ब्लाक के मोतीपुर गांव में उल्टी-दस्त व बुखार जैसे संक्रामक रोगों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी गांव में बुखार से पीड़ित एक बच्चे की मौत हो गई।
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गांव में उल्टी-दस्त व बुखार से मरने वालों की संख्या अब 10 हो गई है। 9 लोग अभी भी बुखार व उल्टी दस्त से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में कैंप कर मरीजों की निगरानी कर रही है। मरीजों को दवा देने के साथ ही उन्हें साफ सफाई व शुद्घ पेयजल का सेवन करने की सलाह दी जा रही है।
बताते चलें कि मोतीपुर गांव में काफी दिनों से संक्रामक रोग फैला हुआ है। गांव में सर्वेश वर्मा की लड़की अर्चना व 17 दिन के बच्चे आनंद की तबियत खराब हो गई। आशा गांवती ने बताया कि अर्चना को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया लेकिन बच्चे को इलाज के लिए घरवालों ने नहीं भेजा।
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बच्चे को बुखार था और उसे भी अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों से कई बार कहा गया लेकिन घरवाले नहीं माने। मंगलवार को बच्चे की मौत हो गई। गांव में संक्रामक रोग से मरने वालों की संख्या अब 10 हो गई है। आशा गांवती ने यह भी बताया कि गांव में सोना(23), अर्चना(3), बुधना(50), कलावती(28), लखन(12), विजय कुमार(43), रूबा(60), गुड़िया(40) एवं सोनम (30) तेज बुखार से पीड़ित हैं।
इन लोगों को इलाज के लिए सीएचसी तुलसीपुर में भर्ती कराया गया है। सीएचसी शिवपुरा के अधीक्षक डा. प्रणव पांडेय ने बताया कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है। इस संबंध में सीएमओ डा. सुशील कुमार ने बताया कि गांव में संक्रामक रोग फैलने की सूचना पर वह खुद गांव गए थे।
गांव में स्थिति का जायजा लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में कैंप करने और मरीजों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया था। मंगलवार को बच्चे की मौत परिजनों की लापरवाही का नतीजा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कैंप लगाकर मरीजों की निगरानी कर रही है और पीड़ितों को दवा भी वितरित कर रही है।
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