बलरामपुर। एनएसएस, इग्नू, महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं एमएलके पीजी कॉलेज बलरामपुर के संयुक्त तत्वाधान में बीते दिन एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इसमें कोरोना के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्यमिता के अवसर विषय पर व्यापक चर्चा की गई। विषय विशेषज्ञों ने देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कृषि व स्वास्थ्य से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि एवं कार्यकारी निदेशक प्रौद्योगिकी सूचना भारत सरकार प्रो. प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी से निपटने के लिए भारत सरकार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में तकनीकी का उपयोग कर रही है।
ई संजीवनी पोर्टल, ई हेल्प रिकार्ड व टेलीमेडिसिन इसी तकनीक का हिस्सा हैं। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के मुख्य महाप्रबंधक डीएस चौहान ने कहा कि बड़ी आपदाओं से निपटने में कृषि क्षेत्र बहुत सहायक होता है।
कोरोना महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण एवं आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण के क्षेत्र में उद्योग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कहा कि मास्क, हैंड सैनिटाइजर, आक्सीजन एवं विविध चिकित्सकीय उपकरण से संबंधित उद्योगों का भविष्य सदैव उत्तम रहेगा।
महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय लखनऊ के अधिष्ठाता सपन अस्थाना ने कोरोनाकाल के बाद देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अपने सुझाव दिए। एमएलके पीजी कॉलेज के नोडल अफसर डॉ. आरके पांडेय ने सभी वक्ताओं एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। वेबीनार को डॉ. राजीव रंजन, दीपा श्रीवास्तव व अंकित श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित किया।