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कृषि कानून के प्रति बढ़ रहा आक्रोश, कई संगठनों का प्रदर्शन

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उतरौला/तुलसीपुर/महराजगंज तराई (बलरामपुर)। कृषि कानून के खिलाफ लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को जिलेभर में कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किये गए।
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सपा कार्यकर्ताओं तथा किसान नेताओं के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रदर्शन के लिए निकले नेताओं को बीच रास्ते में ही रोक कर ज्ञापन लिया गया। किसान नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर पुलिस पूरे दिन निगरानी करती रही।
उतरौला में जिला पंचायत सदस्य व किसान नेता चंद्र प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य चंद्र प्रकाश पांडेय ने कहा कि किसानों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से बनाए गए कृषि विधेयक को वापस लिया जाए।
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स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू किया जाए। किसानों के उत्पाद को शत-प्रतिशत खरीद होने का कानून बनाया जाए। किसानों के उत्पाद को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रेट पर खरीदारी को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में लाया जाए। किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाए।
प्रदर्शन के दौरान अथवा पराली जलाने के नाम पर दर्ज किए गए किसानों पर मुकदमे वापस लिए जाएं। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम एके गौड़ को सौंपा।
ज्ञापन सौंपते समय सतीश चंद्र पांडेय, राम नरेश, अहमद हुसैन, संदीप जायसवाल्र, रामलाल, जलाल, लालबाबू, राजेश, नानबाबू, मो. अजमल खां, महेंद्र प्रसाद पांडेय व जगदीप आदि मौजूद रहे।
तुलसीपुर में पूर्व विधायक मशहूद खां के नेतृत्व में तहसील पर प्रदर्शन के लिए निकले सपाइयों को पुलिस ने लालनगर सिपहिया गांव के पास रोक लिया। वहीं पर पूर्व विधायक के साथ पूर्व जिलाध्यक्ष ओंकार नाथ पटेल, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्यामदीप मिश्रा, जिलानी खान, आमिरशाह मीरू व आरिफ आदि ने प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व विधायक ने कहा कि शासन प्रशासन पूरी तरह तानाशाह हो चुका है। किसान यात्रा को जबरन रोका जा रहा है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता किसानों के हित में हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।
महराजगंज तराई में ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद के साथ सपा कार्यकर्ताओं को ईंट भट्ठे पर नजरबंद कर दिया गया। ब्लॉक प्रमुख व सपा कार्यकर्ताओं ने शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक किसानों की मांगे नहीं मानी जाएंगी तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर यशपाल चौधरी व रामफेरन सहित तमाम सपाई मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी के प्रदेश अध्यक्ष देशराज सिंह व जिलाध्यक्ष गोमती प्रसाद पाठक ने सदर एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों के समूहों का गठन कराए जाने, गन्ना मूल्य 500 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने, धान का मूल्य तीन हजार व गेहूं का मूल्य 3500 रुपए निर्धारित किए जाने एवं किसानों को वृद्घा पेंशन दिए जाने की मांग की। इस अवसर पर प्रदीप उपाध्याय व बृजेश उपाध्याय सहित तमाम किसान नेता मौजूद रहे।
चप्पे-चप्पे पर रही प्रशासन की नजर
किसान संगठनों व समाजवादी पार्टी के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना रहा। आंदोलन के मद्देनजर जहां बड़े नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया गया वहीं सड़क पर निकले आंदोलनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने सख्ती भी दिखाई। आंदोलन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी चौराहों व सार्वजनिक स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
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