बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक ।-संवाद
बलरामपुर। ठंड के कारण जिले में हृदय रोगियों की समस्या बढ़ गई है। जिला अस्पतालों में प्रतिदिन 12 से 15 मरीज सीने में दर्द की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को उचित प्राथमिक उपचार नहीं मिल पा रहा है।
ठंड बढ़ने के साथ जिला अस्पताल में संचालित स्टेमी केयर यूनिट में प्रतिदिन आठ से 10 मरीज हार्ट अटैक के लक्षण लेकर पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्टेमी केयर यूनिट में पिछले छह महीने में 1595 हृदय रोगियों का उपचार किया गया है। इनमें से 30 की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ रेफर किया गया है। यदि जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ होते तो उन्हें यहीं पर बेहतर उपचार की सुविधा मिलती।
एबीजी जांच न होने से इमरजेंसी में बढ़ जाती है समस्या
संयुक्त जिला चिकित्सालय में एबीजी जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में इमरजेंसी में मरीजों की खून की जांच नहीं हो पाती है। चिकित्साधिकारी डॉ. पीके त्रिपाठी ने बताया कि आर्ट्रियल ब्लड गैस (एबीजी) एक खून की जांच है, जिससे खून में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को मापा जाता है। साथ ही रक्त के पीएच अम्लीय/क्षारीयता स्तर को भी जांचा जाता है। फेफड़े कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं और शरीर में गैस और एसिड-बेस संतुलन को कैसे नियंत्रित करता है, इसका पाता आसानी से चल जाता है। अस्पताल में जांच की व्यवस्था न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ता है।
हार्ट अटैक से चिकित्साधिकारी की स्थिति नाजुक
संयुक्त जिला चिकित्सालय में इमरजेंसी चिकित्साधिकारी (ईएमओ) डॉ. सहदेव को हार्ट अटैक पड़ने से उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। वह इस समय राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में भर्ती हैं। बीते बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे के करीब उन्हें हार्ट अटैक हुआ था। आननफानन उन्हें संयुक्त अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उन्हें सीपीआर थेरेपी दी गई। इसके बाद उन्हें होश आया। इंजेक्शन लगाने के बाद उन्हें एंबुलेंस से लखनऊ पहुंचाया गया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि वह राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में भर्ती हैं, अभी स्थिति नाजुक बनी हुई है।