बलरामपुर। जिले में शराब माफिया पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। पड़ोसी देश नेपाल के साथ अब हरियाणा प्रदेश से भी जिले में अवैध शराब का काला कारोबार फलफूल रहा है। देशी के साथ-साथ अंग्रेजी शराब के रैकेट भी जिले में तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। आबकारी महकमा के आंख में धूल झोंककर देशी व अंग्रेजी शराब का अवैध तरीके से कारोबार फैलाया जा रहा है। पुलिस की सक्रियता से नेपाल के बाद अब हरियाणा से भारी मात्रा में अवैध फैक्ट्रीमेड अंग्रेजी शराब पकड़ी गई है। कभी भी बाराबंकी व सीतापुर की तरह अवैध शराब से बड़ी घटना घट सकती है। आबकारी विभाग शराब के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने में नाकाम दिख रहा है। बलरामपुर जिले की करीब 82 किलोमीटर सीमा नेपाल से सटी है।
यह सीमा खुली होने के कारण तस्करों के वरदान साबित हो रही है। सीमा पर भारत से नेपाल आने जाने के लिए कई पगडंडी रास्ते भी खुले हैं। तस्कर इन्हीं रास्तों का प्रयोग कर नेपाली शराब की तस्करी करते हैं। हर माह एसएसबी, पुलिस व आबकारी विभाग सैकड़ों शीशी नेपाली शराब पकड़कर सीज करते हैं। नेपाल के साथ अब हरियाणा से भी फैक्ट्रीमेड अंग्रेजी शराब बलरामपुर लाते समय मुखबिर की सूचना पर नगर कोतवाली की पुलिस ने डीसीएम पकड़कर सीज किया है।
पकड़ी गई अंग्रेजी शराब की कीमत लाखों रुपयों में बताई जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि यह शराब जिले में खपत कर शराब माफिया लाखों रुपये की काली कमाई करने का जुगाड़ लगा रहे थे। काले कारोबार से राजस्व का नुकसान हो रहा है। यह कहा जा रहा है कि यह गोरखधंधा काफी दिनों से सक्रिए है। हरियाणा की शराब के साथ पकड़ा गया डीसीएम चालक यह नहीं बता पाया कि अवैध फैक्ट्रीमेड अंग्रजी शराब किसे डिलीवरी की जानी थी। इससे यह साफ पता चलता है कि शराब माफिया काफी शातिर व रसूखदार हैं। करीब 17 लाख रुपये की लावारिस शराब का पकड़ा जाना यह साबित करता है कि आबकारी महकमा इस गोरखधंघे के प्रति बेपरवाह है।
लगातार कराई जा रही है जांच
लाइसेंसी दुकानों पर बिकने वाली देशी व अंग्रेजी शराब के वैधता की जांच लगातार की जा रही है। अवैध शराब बेचने वाले लाइसेंसी कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। - राजेश त्रिपाठी, जिला आबकारी अधिकारी