हरैया सतघरवा/उतरौला (बलरामपुर)। मरीजों की सुविधा के लिए लाखों रुपये से खरीदी गईं जांच की आधुनिक मशीनें कई महीनों से बंद पड़ी हैं। कहीं अब तक मशीन स्टॉल नहीं हई है तो कहीं मशीन खराब होने के कारण पैथोलॉजी में जांच ठप है। ऐसे में मरीज जांच कराने के नाम पर प्राइवेट पैथोलॉजी में लुट रहे हैं। निजी सेंटरों पर सीबीसी, एलएफटी, केएफटी व इलेक्ट्रोलाइट आदि जांच कराने के लिए मरीज को 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, जिससे उनका दर्द और बढ़ जाता है।
छह माह से मशीन स्टोर में डंप
सीएचसी शिवपुरा में आई सीबीसी, इलेक्ट्रोलाइट व बॉयोकेमेस्ट्री मशीन अब तक स्टॉल नहीं हुई है। छह माह से मशीनें स्टोर में रखी हैं। लैब में हीमोग्लोबिन, शुगर, मलेरिया व बलगम जांच ही पाती है। धनदेई, शीला गिरि व बृजपाल शुक्ल ने बताया कि सीबीसी, किडनी व लिवर आदि जांच कराने पर प्राइवेट में 1500 रुपये तक खर्च होते हैं।
मशीन खराब, नहीं होती जांच
उतरौला सीएचसी में लगीं आधुनिक जांच मशीनें कई महीनों से खराब हैं, जिससे यहां अधिकांश जांच नहीं होती हैं। मरीज व गर्भवती जांच के नाम पर लुट रहीं हैं। आशिफा, नताशा व छोटका ने बताया कि बाहर से जांच में 1350 रुपये लगे हैं। अधीक्षक डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि मशीन ठीक कराने के लिए इंजीनियर बुलाया गया है।
समय से पहले ही बंद हो गई लैब
शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी होने के कारण दोहपर 12 बजे तक ओपीडी होनी थी, लेकिन सीएचसी गैसड़ी की पैथोलॉजी उससे पहले ही बंद हो गई। दोपहर 11.45 बजे सीएचसी की लैब में ताला लटका मिला।
जांच कर अधीक्षकों पर होगी कार्रवाई
सभी अधीक्षकों को अस्पताल में जांच व उपचार की सुविधा दुरूस्त रखने का निर्देश दिया गया है। सीएचसी की जांच मशीन खराब होने अथवा उसे अब तक स्टॉल न कराए जाने की जानकारी नहीं है। जांच कराकर दोषी अधीक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ