बलरामपुर। स्कूलों में अब 18 साल से कम आयु के किशोर स्कूटी या बाइक से नहीं जा सकेंगे। शासन से प्रतिबंध लगाए जाने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक के डीआईओएस ने गूगल मीट कर सभी शैक्षिक संस्थानों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को इस नए नियम के बारे में जानकारी देते हुए, इसका सख्ती से अनुपालन कराने की ताकीद की है। निर्देश में कहा गया है कि नाबालिग बच्चे स्कूलों में बाइक से न आएं, इसके लिए स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर अभिभावकाें को जागरूक भी बनाया जाए।
शासन ने प्रतिबंधों के साथ यह छूट भी दी है कि 16 साल की आयु से अधिक के बच्चे सिर्फ 50 सीसी से कम इंजन क्षमता वाली बाइक ही चला सकेंगे। इससे अधिक इंजन क्षमता चलाते मिलने पर उनके अभिभावकों को इसका जिम्मेदार व दोषी मानते हुए निर्धारित प्रावधान के तहत दंडात्मक कार्रवाई होगी। डीआईओएस गोविंद राम ने बताया कि प्रावधान के तहत तीन साल की सजा के साथ 25 हजार रुपये के जुर्माना का प्रावधान है। साथ ही संबंधित वाहन का पंजीयन भी एक वर्ष के लिए निरस्त किए जाने के साथ ही वाहन चला रहे किशोर का ड्राइविंग लाइसेंस भी 25 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही बन सकेगा।