बाढ़ बचाव के इंतजाम को इंतजार - 96 दिन शेष
तटबंध बनने से 18 गांवों व शहर को राप्ती की बाढ़ से मिलेगी सुरक्षा
बाढ़ से राष्ट्रीय राजमार्ग तुलसीपुर पर हर वर्ष ठप हो जाता है आवागमन
मंगलदेव गिरि
बलरामपुर। कोड़री घाट पुल से सिसई घाट पुल तक 142 करोड़ रुपये की लागत से करीब 15 किलोमीटर लंबा पक्का तटबंध बनने का रास्ता साफ हो सकता है। विभाग ने इसका प्रस्ताव भेज दिया है। यह तटबंध बलरामपुर देहात के 18 गांवों, साथ ही शहर और अन्य आसपास के क्षेत्रों को राप्ती नदी की बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करेगा। राप्ती नदी की बाढ़ की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग तुलसीपुर पर हर वर्ष आवागमन बाधित हो जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती है।
राप्ती नदी का चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 104.620 मीटर है। इन स्तरों के बढ़ने से न केवल गांवों में तबाही होती है, बल्कि बाढ़ के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग बलरामपुर-तुलसीपुर पर कालीथान गांव के पास आवागमन ठप हो जाता है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य और बलरामपुर देहात के प्रधान प्रतिनिधि बलजीत पांडेय का कहना है कि इस पक्के तटबंध के निर्माण से राप्ती नदी की बाढ़ से बचाव होगा। यदि बरसात से पहले तटबंध का निर्माण हो जाता है, तो शहर की डेढ़ लाख और गांवों की 75 हजार से अधिक आबादी को बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी। प्रधान जगजीवन और लक्ष्मी ने भी इस तटबंध के निर्माण को समय से पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
इन गांवों में मचती है तबाही
बाढ़ से प्रभावित गांवों में बलरामपुर देहात के कालीथान, पियरा, बिनोहनी, लपटेनपुरवा, बंजारनपुरवा, धर्मपुर, मुसीबतपुरवा, गंगाडीह, बिजलीपुर, मन्नीपुर टिकुइया, डिहवा, रंजीतपुर, महमदपुरवा, मगईडीह, जोड़वरा समेत 18 गांव शामिल हैं। इसके अलावा सदर ब्लॉक के बेलवा सुल्तानजोत, भ्यूरी, कलंदरपुर, बरांव, पैगापुर, धुसाह, सेखुईकला, पीलीभीत और छिटौहनी सहित 15 अन्य गांव भी बाढ़ के प्रभाव से जूझते हैं।
रिंग रोड का निर्माण पूरा होने पर मिलेगी सुरक्षा
गोंडा मार्ग पर दूल्हिनपुर जंगल से बहराइच रोड तक रिंग रोड का निर्माण 516 करोड़ रुपये से किया जा रहा है। इस परियोजना का 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। रिंग रोड का निर्माण पूर्ण होने पर यह बलरामपुर शहर की डेढ़ लाख की आबादी को राप्ती नदी की बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करेगा।
जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद
राप्ती नदी के किनारे कोड़री घाट से सिसई घाट पुल तक पक्के तटबंध के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से इस प्रस्ताव की जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिससे समय रहते तटबंध का निर्माण शुरू किया जा सके।
प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व