बलरामपुर। एक दशक से अधिक समय बाद जनगणना-2027 के तहत जिले में मकान गणना और भवन सूचीकरण का कार्य पूरा हो गया। शनिवार देर रात तक गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों की टीम जुटाए गए आंकड़ों को पोर्टल पर अपलोड करने और उनके सत्यापन में लगी रही। घर-घर पहुंचकर जुटाई गई जानकारी अब जिले के बदले सामाजिक, आर्थिक और आवासीय स्वरूप की नई तस्वीर सामने लाएगी।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 21.48 लाख और परिवारों की संख्या 3.23 लाख थी। पिछले 11 वर्षों में आवास, सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। जनसंख्या वृद्धि दर के आधार पर अनुमान है कि जिले की आबादी अब 27 से 28 लाख के बीच पहुंच चुकी है, जबकि परिवारों की संख्या चार लाख से अधिक हो सकती है। जिले में करीब 6 से 7 लाख आबादी बढ़ी मानी जा रही है। मकान गणना के दौरान पक्के-कच्चे मकानों, पेयजल, शौचालय, बिजली, एलपीजी गैस, इंटरनेट, वाहनों और अन्य सुविधाओं का विवरण दर्ज किया गया। जिलाधिकारी ने भी कोई टिप्पणी करने से गुरेज किया। वहीं विभागीय कर्मियों ने कहा कि कोई जानकारी नहीं दी जा सकती है, इसके लिए रोक है।