फोटो-9-बलरामपुर के संयुक्त जिला अस्पताल में बना डेंगू व एईएस वार्ड।-संवाद
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में भी बेहतर इलाज की मुहिम शुरू की है। जिला संयुक्त चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर(ईटीसी) खोला गया है। इन सेंटरों पर संचारी रोगों से संबंधित मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा।
बलरामपुर जिले को संचारी रोग से प्रभावित माना गया है। संचारी रोग से प्रभावित होने से यहां पर प्रत्येक वर्ष संचारी रोगों से पीड़ित 10-12 मरीज मिलते हैं। बीते साल यहां पर डेंगू के दो, जापानी इंसेफेलाइटिस के दो, एईएस के 10 तथा स्क्रबटाइफस के दो मरीज पाए गए थे। इनमें से एक डेंगू मरीज की मौत भी हो गई थी। संचारी रोगों के मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संयुक्त जिला चिकित्सालय में पीकू वार्ड के बगल आठ बेड का इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर संचालित किया जा रहा है। बलरामपुर ग्रामीण में दो, श्रीदत्तगंज में चार, तुलसीपुर में दो, शिवपुरा में छह, पचपेड़वा में दो, गैसड़ी में छह, गैड़ास बुजुर्ग में तीन, रेहरा बाजार में चार तथा उतरौला सीएचसी में दो बेड का इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर खोला गया है।
इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर पर संचारी रोग से संबंधित मरीजों को भर्ती कर स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज किया जाएगा। सभी सेंटरों पर आवश्यक संसाधन व जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि आशा, आंगनबाड़ी व एएनएम अन्य स्वास्थ्य कर्मी अपने-अपने क्षेत्रों से इंसेफेलाइटिस पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए इन्हीं सेंटरों पर भर्ती कराएंगी।
एसीएमओ व संचारी रोग के नोडल डॉ. एके सिंघल ने बताया कि गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने की स्थिति में ईटीसी के डॉक्टर बेहतर सुविधा वाले बाहर के अस्पतालों में रेफर करेंगे। मरीज को 102 या 108 नंबर एंबुलेंस की सहायता भी प्रदान की जाएगी।