बलरामपुर के सीएचसी तुलसीपुर में फर्श पर बैठकर रात काटते तीमारदार।
- फोटो : BALRAMPUR
तुलसीपुर (बलरामपुर)। अस्पतालों में बेहतर होने का सरकारी दावा पूरी तरह हवा हवाई साबित हो रहा है। सीएचसी तुलसीपुर में रात होते ही अस्पताल में मरीज स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरसते हैं। भर्ती मरीजों को न तो पर्याप्त दवाएं मिलती हैं और न खाने पीने की ही व्यवस्था उपलब्ध होती है। अस्पताल की तरफ से केवल प्रसूताओं को ही खाना दिया जाता है।
अन्य मरीजों को खुद ही भोजन की व्यवस्था करनी पड़ती है। रात में अस्पताल आने वाले मरीजों को बाहर की दवा लिखी जाती है। बुखार व पेट दर्द जैसे बीमारियों में भी अस्पताल से दवा नहीं दी जाती है। तीमारदारों के लिए अस्पताल में सोने की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। गंदे फर्श पर लेटकर तीमारदार रात बिताने को विवश हैं।
रात में बिजली जाने पर सोलर पैनल के सहारे बल्ब तो जला दिया जाता है लेकिन पंखा न चलने से उमसभरी गर्मी में मरीजों को काफी असुविधा झेलनी पड़ती है। शुद्घ व शीतल जल के लिए लगा वाटर कूलर खराब पड़ा है जिससे मरीजों को पानी पीने के लिए बाहर से पानी का बोतल खरीदना पड़ता है। शुक्रवार की रात अमर उजाला के रिपोर्टर अमित श्रीवास्तव ने सीएचसी तुलसीपुर का नाइट रिपोर्टिंग की।
सीएचसी अधीक्षक सुमंत सिंह चौहान ने बताया कि अस्पताल में व्याप्त अव्यस्थाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। खराब पड़े वाटर कूलर को ठीक कराने के लिए पत्र लिखा गया है। सफाईकर्मी को अस्पताल में नियमित सफाई करने का निर्देश दिया गया है। डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है कि मरीजों को बाहर से दवा न लिखी जाए।