बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे बलरामपुर के जमधरा गांव से गिरफ्तार पाकिस्तानी एजेंट बताए जा रहे शहरोज के जीवन से जुड़े कई पहलुओं की जांच एटीएस कर रही है। सूत्रों के अनुसार, बचपन में उसके पिता बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर उसे मुंबई ले गए थे। परिवार चाहता था कि वह पढ़ाई पूरी कर रोजगार या कारोबार से जुड़े, लेकिन समय के साथ उसकी सोच में बदलाव आता गया और वह कथित रूप से कट्टरपंथी विचारधारा के प्रभाव में आ गया।
सूत्रों के मुताबिक, पिता ने उसे कई बार रोजगार और कारोबार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया, लेकिन उसने परिवार की सलाह पर अमल नहीं किया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि मुंबई में रहने के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में आया और उसके वैचारिक बदलाव की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई।
जांच में यह भी सामने आया है कि बाद में उसने सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान समर्थित बताए जा रहे हैंडल संचालित करने वाले लोगों से संपर्क बढ़ाया। इसके बाद वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उनके संपर्क में बना रहा। एटीएस यह भी जांच कर रही है कि मुंबई प्रवास के दौरान बने संपर्कों का उसकी बाद की गतिविधियों से कोई संबंध था या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, एटीएस उसके पुराने मोबाइल नंबरों, डिजिटल गतिविधियों और मुंबई में उसके ठिकानों से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि उसके वैचारिक बदलाव की पूरी कड़ी समझने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि वह सामान्य जीवन से कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों तक कैसे पहुंचा। फिलहाल एटीएस दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि उसके अतीत की यह पड़ताल संभावित नेटवर्क को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।