बलरामपुर। दुर्घटना से देर भली... ये स्लोगन तमाम वाहनों पर लिखा रहता है। लोग पढ़ते भी हैं, लेकिन पालन नहीं करते। कोतवाली देहात की चकवा पुलिस चौकी के पास एनएच-730 (बहराइच रोड) पर बुधवार देर रात हुए हादसे में जल्दबाजी ने ही खुशियों को गम में बदल दिया।
जिला मेमोरियल अस्पताल और संयुक्त जिला अस्पताल में जहां घायलों का इलाज हो रहा था, बृहस्पतिवार सुबह वहां मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा था। हर कोई बदहवास होकर अपनों का हाल जानने पहुंच रहा था। जिन घायलों का इलाज हो रहा था, उनकी बेबस आंखें भी अपनों को तलाश रहीं थीं। घायल राघवराम कराह रहे थे, इलाज कर रहे चिकित्सक से पूछ रहे थे कि शिवकुमार कहां हैं। चिकित्सक उनके मृत्यु होने की बात छिपाते हुए सांत्वना देते रहे। वाहन चालक अजय अपने साथी के बारे में जानने को उत्सुक दिखे। साथ में भर्ती न देखकर सहम जाते। अजय खुद को कोस रहे थे। लोग उन्हें समझा रहे थे कि होनी को कौन टाल सकता है। फिलहाल लोग एक-दूसरे को दिलासा देते रहे।
एक वर्ष में 25 हादसे फिर बचाव के गंभीर प्रयास नहीं
वैसे भी चकवा पुलिस चौकी के पास एक वर्ष में 25 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं। चकवा पुलिस चौकी से कल्ला भट्ठा तक ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना बहुल क्षेत्र) भी घोषित है। चकवा पुलिस चौकी के पास हुए हादसे के बाद बृहस्पतिवार को पूरे दिन क्षतिग्रस्त कार व ट्रक को देखने के लिए लोग आते-जाते रहे। मौके पर मौजूद बृजेश, हेमंत व विनोद ने बताया कि चकवा पुलिस चौकी से कल्ला भट्ठा तक तीक्ष्ण मोड़ होने के कारण अक्सर हादसे हो रहे हैं। ब्लैक स्पॉट घोषित होने के बाद भी यहां पर बचाव को लेकर कोई कार्य नहीं किया गया है। चकवा चौकी इंचार्ज के मुताबिक एक साल में इस स्थान पर तीन ऐसे सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें तीन-तीन लोगों की मौत हुई है। तभी इस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया था।
अस्पताल में रोते-बिलखते रहे परिजन
जिला मेमोरियल अस्पताल में बृहस्पतिवार को जैसे ही सड़क हादसे के मृतकों के शव और घायलों को लाया गया तो अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल में परिजन रोते-बिलखते मिले। पिंटू ने बताया कि उनके दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई है। हादसे से पूरा परिवार टूट गया है। पीड़ित परिजनों को कुछ सूझ नहीं रहा था। परिजन अपना नाम भी नहीं बता पा रहे थे। एक औरत ने रोते हुए बताया कि हादसे में भाई व भतीजे को खो दिया है। पति भी घायल हुए हैं।
अस्पताल में नहीं है सीटी स्कैन की व्यवस्था
जिला मेमोरियल अस्पताल में जब घायलों को भर्ती कराया गया तो सीटी स्कैन की समस्या उत्पन्न हो गई। जिला मेमोरियल अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था ही नहीं थी। डीएम पवन अग्रवाल ने सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी को निर्देश दिया कि जिन घायलों को सीटी स्कैन या अन्य इलाज की जरूरत है, उन्हें तत्काल संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाएं। जब सीटी स्कैन के लिए घायलों को संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया तो पता चला कि बुधवार शाम को वहां भी सीटी स्कैन की मशीन खराब हो गई थी। संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजकुमार वर्मा ने बताया कि लखनऊ से इंजीनियर आए हैं। बृहस्पतिवार को सीटी स्कैन मशीन को ठीक करा दिया गया।
सीएम ने जताया दुख, सक्रिय हुआ प्रशासन
हादसे में पांच लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। इसके बाद पूरा प्रशासन सक्रिय हो गया। डीएम-एसपी के साथ ही आला अधिकारियों ने घायलों का हाल जाना।
घायल गोपाल। संवाद