बलरामपुर। नौतपा में तपिश से लोगों का हाल- बेहाल है। बुधवार को तापमान में एक डिग्री अधिकतम और एक डिग्री न्यूनतम पारा बढ़ गया। आसमान से बरस रही आग लोगों के शरीर को झुलसा रही थी, तो उमसभरी गर्मी बेचैन कर रही थी। पारे में वृद्धि और तेज धूप की वजह से लोग गमछा बांधकर बाहर निकले। करीब 32 साल बाद तराई में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम 31 डिग्री दर्ज किया गया।
भीषण गर्मी के बीच लगातार तराई क्षेत्र का तापमान बढ़ता जा रहा है। लू और गर्मी ने लोगों के जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। एसी और कूलर के बाद भी पसीना छूट रहा था। वहीं, बाहर कड़ी धूप शरीर को झुलसा रही। दोपहर में शहर मेें सन्नाटा जैसी स्थिति दिखी। धूप से बचने के लिए लोगों ने गमछा व छतरी का सहारे लेते हुए दिखे। बाजार में सन्नाटा छाया रहा। शाम चार बजे के बाद ही लोग घरों से निकलते दिखे। आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह का कहना है कि तराई क्षेत्र में इस बार बढ़ते तापमान ने करीब 32 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। बताया कि इससे पहले 1992 में मई के महीने में पारा 44 डिग्री पहुंचा था। अरुण ने बताया कि अभी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नही है।
खाना कम खाएं, हरी सब्जी का प्रयोग करें
गर्मी के चलते अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। जिला अस्पताल में राकेश बुखार, सिरदर्द के अलावा कब्ज और उल्टी दस्त से पीड़ित मिले। चिकित्सक मरीजों को समय से दवा और पानी पीने के साथ धूप में बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रहे हैं। श्रीदत्तगंज की सुनीता ने बताया कि उसे दो दिनों से उल्टी हो रही है। वहीं जिला प्रशासन ने लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी किया है। डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि गैस और ब्लड प्रेशर कम और अधिक गर्मी की वजह से हो रहा है। बहुत जरूरी न हो तो कतई धूप में न निकलें। शरीर में पानी कमी न होने दें। हल्का भोजन करें और हरी सब्जी खाएं।
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लो-वोल्टेज से बढ़ी है परेशानी
-शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र बिजली की आवाजाही थम नहीं रही है। वीर विनय चौराहा हो या फिर भगवतीगंज दिन में कई बार बिजली कटी। इससे लोग बिलबिला उठे। वहीं ओवरलोड़ से शहर के घुसाह, तुलसीपार्क समेत कई मोहल्लों में बिजली कटौती से लोग परेशान दिखे। ललिया, महराजगंज तराई, उतरौला में भी बिजली कटौती की शिकायतें मिलीं। वहीं बिजली विभाग के कर्मी भी बिजली दुरूस्त करने में जुटे रहे, लेकिन हर घंटे आ रही छोटी- छोटी फाल्ट से वह भी परेशान दिखे। एक्सईन बालकृष्ण ने कहा कि बड़ी दिक्कत तो बुधवार को नहीं रही, कुछ शिकायतें मिलीं। जिसे ठीक कराया गया।
गर्मी से डिप्रेशन में आ रहे लोग
गर्मी से मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। मेंटल एडजेस्टमेंट की समस्या लोगों में बढ़ रही है, इससे बेचैनी और घबराहट की समस्या से लोग परेशान हैं। पहले जहां मानसिक रोग पीडितों की संख्या 7 या 8 थी, अब यह हर दिन 20 से 22 हो गई है। बुधवार को ही 19 लोगों मानसिक परेशानी से पीड़ित मिले। गर्मी से लोग डिप्रेशन व बाइपोलर डिस्आर्डर जैसी बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। उनको सिर भारी लगता है और आंखों में जलन होने से बैचनी लगती है। वीपी व हाइपरटेंशन से भी लोग परेशान हैं, चिंता व घबराहट बढ़ रही है।
ऐसे खुद को बचाएं
मौसम से लोेगों को एडजस्ट करना चाहिए। घर से निकलें तो छतरी रखें, सफेद सूती गमछा का प्रयोग करें। इसके अलावा रसीले मौसमी फल का प्रयोग करें, जिसमें खरबूज, तरबूज को भरपूर खाएं और खूब पानी पीयें। एसी से तत्काल धूप में न निकलें और धूप से आने पर पानी थोड़ा रुक कर पीयें। इससे मानसिक शांति मिलेगी।
- डा. अशोक पटेल, मानसिक रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल