उतरौला। अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की लंबे समय से नियुक्ति न होने के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य में सहयोग नहीं किया। इसके चलते तहसील और दीवानी न्यायालयों में कुल 582 मामलों की सुनवाई प्रभावित रही। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे वादकारी और फरियादी बिना सुनवाई के निराश होकर वापस लौट गए।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रह्लाद यादव और महामंत्री रवि शंकर मिश्र ने बताया कि अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) का पद लंबे समय से रिक्त होने से अधिवक्ताओं के साथ-साथ वादकारियों को भी लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। न्यायालय में लंबित मामलों की सुनवाई प्रभावित होने के कारण लोगों को बार-बार अगली तारीख मिल रही है।
उन्होंने बताया कि समस्या के समाधान की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल इलाहाबाद हाईकोर्ट तक जा चुका है, लेकिन अभी तक रिक्त पद पर न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
शुक्रवार को अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य में सहयोग न करने के कारण तहसील के विभिन्न न्यायालयों में 324 और दीवानी न्यायालय में 258 मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं ने रिक्त न्यायालय में जल्द न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।