बलरामपुर के संयुक्त जिला चिकित्सालय में आईसोलेशन वार्ड का निरीक्षण करते सीएमओ।
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बलरामपुर। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में कोरेनटाइन वार्ड का संचालन शुरू कर दिया गया है। कोरोना के संदिग्धों को इस वार्ड में 14 दिनों तक निगरानी के लिए रखा जाएगा। सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों की ओपीडी अस्पतालों में अलग से की जाएगी।
शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह ने जिला संयुक्त चिकित्सालय के ट्रॉमा विंग में स्थापित किए गए आइसोलेशन वार्ड तथा अलग स्थापित कोरेनटाइन वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि विदेश से जिले में आने वाले नागरिकों तथा कोरोना के संदिग्धों को निगरानी के लिए कोरेनटाइन वार्ड में 14 दिनों तक रखा जाएगा। यहां पर उन्हें सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसी तरह जिन लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाएंगे उन्हें ट्रॉमा विंग स्थित आइसोलेसन वार्ड में अलग रखा जाएगा।
आइसोलेशन वार्ड में 10 बेड तथा कोरेनटाइन वार्ड में 12 बेड की व्यवस्था की गई है। सभी अस्पतालों में सर्दी, जुकाम के मरीजों की अलग ओपीडी के लिए अधीक्षक को निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना वायरस हाथ मिलाने, गले मिलने तथा संक्रमित लोगों को छूने से फैलता है। देवीपाटन में चैत्र नवरात्र के समय लगने वाले मेले के बारे में बताया कि इस मेले में भारत के अलग-अलग राज्यों के साथ ही नेपाल से भी भारी संख्या में दर्शनार्थी आते है। दर्शन के समय श्रद्धालु मूर्तियों को छूने के साथ ही बैरीकेटिंग के लिए लगाई गई रेलिंग को भी छूते है।
ऐसे में यदि कोई भी संक्रमित मरीज मेले में पहुंचा तो कोरोना वायरस अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। मेले के आयोजन को लेकर उच्चाधिकारियों से वार्ता की गई है। आस्था से जुड़े इस मामले में शासन ही कोई निर्णय ले सकता है। सीएमओ ने लोगों से सतर्क रहने, एक दूसरे से हाथ न मिलाने, समय-समय पर साबुन से हाथ धुलने तथा भीड़भाड़ से दूर रहने की अपील की है। निरीक्षण के दौरान जिला संयुक्त चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. एनके वाजपेयी सहित अन्य तमाम चिकित्सा कर्मी मौजूद रहे।