बलरामपुर। बिना सूचना के स्कूल से गैरहाजिर हेडमास्टर का अगस्त माह का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। हेडमास्टर से तीन दिन में जबाब तलब किया गया है। संतोषजनक जबाब न मिलने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दो स्कूलों के औचक निरीक्षण में खामियां मिलने पर कार्रवाई की गई है।
बीएसए हरिहर प्रसाद ने बताया कि उन्होंने डीसी निरंकार पांडेय के साथ सदर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सुभागपुर व जोरावपुर का शनिवार को औचक निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान प्रात: 11.30 बजे शिक्षक लोकनाथ कक्षा एक से पांच तक के सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाते हुए पाए गए।
शिक्षक ने बीएसए से बताया कि हेडमास्टर दिवाकर श्रीवास्तव व शिक्षिका तृप्ति पाठक छुट्टी पर हैं। उपस्थित व अन्य पंजिका कमरे में बंद थी जिसमें ताला लगा था उसकी जांच नहीं की जा सकी। एमडीएम भी बना हुआ नहीं पाया गया। कुछ बच्चों को ही जूते-मोजे व किताबें वितरित की गई। वायरिंग होने के बावजूद पंखा व बल्ब नहीं लगाया गया। एक जुलाई से 10 अगस्त के बीच मात्र चार से छह दिन ही एमडीएम बना है। फल व दूध कभी नहीं बांटा गया है।
शौचालय अर्द्धनिर्मित है। स्कूल की रंगाई-पुताई भी नहीं कराई गई है। विभागीय कार्यों में लापरवाही व शिक्षण कार्य में रुचि न लेने के कारण हेडमास्टर दीवाकर श्रीवास्तव का अगस्त माह का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक कर जबाब तलब किया गया है। बीईओ मनीराम वर्मा को शौचालय पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्राथमिक विद्यालय जोरावरपुर में सभी शिक्षक व शिक्षामित्र शिक्षण कार्य कराते हुए पाए गए। किताब, जूता-मोजा बांटा गया है लेकिन 26 बच्चे जूता छोटा होने के कारण नहीं पा सके है। खेल का सामान भी खरीदा गया है। स्कूल में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई।