बलरामपुर। सिविल लाइंस की रहने वाली 42 वर्षीय महिला अनुदेशक की हत्या में गिरफ्तार आरोपी उमेश कुमार राव ने पूछताछ में पूरा घटनाक्रम बयां किया है। देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गजाधर सिंह डिहवा निवासी उमेश कुमार राव शहर के वीर विनय चौराहे के पास स्थित निजी बैंक की शाखा में सेल्स ऑफिसर पद पर तैनात है। महिला अनुदेशक उसकी मामी थीं। उमेश का उनके घर आना-जाना था और करीब चार वर्ष से नजदीकी भी थी। महिला अनुदेशक ने अपनी परिचित की बेटी से उमेश की शादी कराई थी।
शहर के कंपोजिट विद्यालय में तैनात महिला अनुदेशक पहली अप्रैल की शाम बाजार गई थीं। तभी से लापता हो गई थीं। दो अप्रैल को उनके पति ने नगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने उनके घर से बाजार तक के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और सर्विलांस की मदद से भांजे उमेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उसने पुलिस को गुमराह किया, लेकिन सख्ती बरतने पर मामी की हत्या करने की जानकारी दी।
नगर कोतवाल शैलेश सिंह ने बताया कि अनुदेशक ने कुछ समय से उमेश से दूरी बना ली थी। उमेश को शक था कि उनकी किसी अन्य से नजदीकी हो गई है। इसी के चलते उमेश ने मामी को बुलाया और कार से घुमाने के लिए गोंडा के खरगुपुर ले गया। जहां मामी के ही दुपट्टे से उनका गला घोंटकर हत्या करने के बाद गौनरिया नाले में शव फेंककर भाग गया था। हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा लौटते समय दुल्हिनपुर जंगल के पास फेंक दिया था। कोतवाल ने बताया कि उमेश की कार, दुपट्टा और मोबाइल फोन बरामद हो गया है। उमेश को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
पति ने कुछ ही दिनों पहले दिलाई थी कार
अनुदेशक के एक बेटा और बेटी है। पति ने हाल ही में पत्नी के लिए कार खरीदी थी। जिससे वह बच्चों को स्कूल छोड़ने के साथ ही खुद ड्यूटी पर जा सकें। आरोपी उमेश कुमार के एक बेटा है।