बलरामपुर। जिले में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की कोशिश हुई थी। बीती 17 व 18 फरवरी को यह परीक्षा 14 केंद्रों पर हुई थी। इसमें 29,535 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। दो दिनों तक हुई परीक्षा के दौरान पुलिस ने साल्वर गिरोह से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार भी किया था। पुलिस का दावा था कि गड़बड़ी करने से पहले आरोपितों को पकड़ लिया गया था।
पुलिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों की गिरफ्तारी से कई सवाल उठने लगे थे। इसे लेकर अभ्यर्थियों ने उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा से मुलाकात कर भर्ती परीक्षा निरस्त कराने की मांग भी की थी। उनका कहना था कि बीते कई महीनों से वह लोग तैयारी कर रहे थे, परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वालों के कारण उनका हक मारा जा सकता है। इसलिए कड़ी व्यवस्था में फिर से परीक्षा की जाए।
शनिवार को भर्ती परीक्षा निरस्त किए जाने के फैसले पर अभ्यर्थियों में खुशी जताते हुए इसे न्याय की जीत बताया। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी पूजाराम, आयुष जायसवाल, मनोज कुमार, विनोद सिंह यादव, अंकित नाथ, निर्मल गुप्ता, अरुण कुमार, अजय मिश्रा, अरबाज खान, रोशन सिंह आदि अभ्यर्थियों ने हर्ष जताते हुए कहा कि इससे गड़बड़ी करने वालों के मंसूबे पर पानी फिर गया है।
पुलिस ने परीक्षा के दौरान जिले में बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। बिहार के साल्वरों समेत कईयों की गिरफ्तारी की थी। इसमें साल्वर सुरेंद्र सिंह, रामलखन, सिकंदर, राजन प्रसाद व कुंदन यादव तथा अभ्यर्थी हेमंत कुमार, अरविंद, सूरज प्रसाद व संजय विश्वशर्मा को गिरफ्तार किया था। इनके पास से आधार कार्ड, प्रवेश पत्र, प्रश्न पुस्तिका, मोबाइल फोन भी मिला था। वहीं बाद में साल्वर नितिश कुमार निवासी मनगरबा थाना असरगंज जनपद मुंगेर बिहार व अभ्यर्थी जयप्रकाश विश्वकर्मा निवासी मोतीपुर टिकैत जनपद देवरिया को भी गिरफ्तार किया था। कोतवाली देहात व नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया था।
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