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पहाड़ी नालों की बाढ़ ने तबाह कर दी गन्ने की नकदी फसल

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फोटो-9/10-बलरामपुर देहात क्षेत्र में बाढ़ के पानी से बर्बाद होकर सड़ी गन्ने की फसल - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। करीब 11 दिन पूर्व एक दिन की बारिश में उफनाए पहाड़ी नालों से सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल पानी में डूबने के चलते बर्बाद हो गई है। किसानों की लागत भी बाढ़ के पानी में डूब गई है। पीड़ित किसानों ने बर्बाद हुई फसल की जांच कराकर सरकारी मदद दिलाने की गुहार डीएम से लगाई है।
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विदित हो कि 11 दिन पूर्व जिले में एक ही दिन 200 मिलीमीटर भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। नेपाल के पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के चलते जिले में बहने वाले पहाड़ी नाले भी उफना गए थे। नालो का उफान ऐसा था कि नेशनल हाईवे समेत तमाम सड़कें तबाह हो गई थीं। बाढ़ का पानी कई गांव में भर गया था। बाढ़ में डूबने के चलते पूर्व प्रधान समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। बाढ़ का यह पानी किसानों की तबाही का कारण बन गया है। हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, बलरामपुर सदर, गैसड़ी तथा पचपेड़वा ब्लॉक के तमाम किसानों की सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल पानी में डूब जाने के कारण सड़ गई है। ग्राम पड़री के किसान संत शरण, रमेश, ओमप्रकाश, श्याम नारायन, कल्लू, बच्चाराम व राम गोपाल ने बताया कि खेतों में अभी करीब 200 बीघे गन्ने का पौधा फसल पानी में सड़ गई है।
गन्ने के उत्पादन में खर्च की गई लाखों रुपये की लागत भी डूब गई है। कई किसानों के धान की नर्सरी भी बाढ़ के पानी में डूबने से खराब हो गई है। इन लोगों का कहना है कि यह नुकसान तो महज पड़री गांव का है। ऐसे ही कई अन्य गांव के किसान बाढ़ के चलते तबाह हो गए हैं। इन लोगों ने डीएम से खेतों में बाढ़ के चलते बर्बाद हुई गन्ने की फसल की क्षति का आंकलन कराकर दैवीय आपदा राहत कोष से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
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दिलाई जाएगी मदद
बाढ़ के पानी में गन्ने की फसल बर्बाद होने की सूचना मिली है। मामले की जांच कराकर प्रभावित किसानों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।-कृष्णा करुणेश, डीएम बलरामपुर
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