बलरामपुर के उतरौला में गमगीन खड़े शिया समुदाय के लोग।-संवाद
उतरौला। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर शिया मुसलमानों में गहरा शोक और आक्रोश है। शिया समुदाय ने इसे इस्राइल और अमेरिका का आतंकी हमला करार देते हुए कड़ा विरोध जताया। इमामबाड़ों में काले झंडे लगाए गए, तीन दिन शोका मनाने का आह्वान भी हुआ।
स्थानीय शिया लाइब्रेरी में शिया समुदाय के लोग इकट्ठा हुए और इस्राइल व अमेरिका के इस कृत्य की निंदा की। शिया धर्मगुरु मौलाना फिदा हुसैन और उतरौला इमामिया ट्रस्ट अध्यक्ष ऐमन रिजवी ने खामेनेई की शहादत पर तीन दिन के शोक का ऐलान किया। कहा कि इस दौरान मजलिस का आयोजन कर शहीद खामेनेई को खिराजे अकीदत पेश की जाएगी। ग्राम अमाया देवरिया के शिया धर्मगुरु मौलाना जायर अब्बास ने इसे वैश्विक तानाशाही बताया। कहा कि खामेनेई की मौत दबे और कुचले लोगों के लिए प्रेरणा बनेगी।
मौलाना अब्बास ने अमेरिका और इस्राइल पर खाड़ी को जंग में झोंकने तथा दुनिया में खून-खराबा फैलाने का आरोप लगाया। शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई को मजलूमों का संरक्षक और एक आध्यात्मिक नेता के रूप में याद किया। इस अवसर पर मौलाना मोहम्मद अली रिजवी, मौलाना फिदा हुसैन, ऐमन रिजवी, सलमान, राशिद रिजवी, अनीसुल हसन रिज़वी, नस्सन, जुहेर अब्बास, फरमान, अहमद अली जाफरी, हुसैन रिजवी, मोहसिन, मुसय्यब जाफरी आदि मौजूद रहे।